पड़ोसी पर अवैध निर्माण के आरोप
नहीं हुए साबित, याचिका खारिज
नाहन। मोहल्ला हरिपुर में जमीन और निर्माण को लेकर चल रहे विवाद में अदालत ने इस्लाम अली की ओर से दायर स्थायी व अनिवार्य निषेधाज्ञा की याचिका को खारिज कर दिया है।
उसने आरोप लगाया था कि पड़ोसी ने बिना अनुमति अवैध निर्माण कर उनकी रोशनी, हवा और निजता में बाधा डाली है। यह भी दावा किया कि प्रतिवादी ने उनके खाली छोड़े गए स्थान पर कब्जा करने की कोशिश की। वहीं प्रतिवादी ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनका निर्माण नगर परिषद की स्वीकृति के अनुसार किया गया है। सुनवाई के दौरान वादी अपने आरोपों को ठोस साक्ष्यों के साथ साबित करने में असफल रहा।
सीनियर सिविल जज ने कहा कि जमीन पर अतिक्रमण के संबंध में कोई ठोस प्रमाण पेश नहीं किया गया। अदालत ने यह भी माना कि नगर परिषद को बिना पूर्व नोटिस दिए ही पक्षकार बनाया गया, जो कानून के प्रावधानों के खिलाफ है। सभी तथ्यों और साक्ष्यों पर विचार करने के बाद अदालत ने वादी की याचिका को खारिज करते हुए कोई राहत देने से इन्कार कर दिया।
संवाद