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Sirmour News: अदालत,

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सीडीआर के सहारे बनी विजिलेंस की थ्योरी,
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डॉक्टर पर निजी प्रैक्टिस के पुख्ता सबूत नहीं

- नाहन मेडिकल कॉलेज से बिना अनुमति सोलन जाने का आरोप, अदालत में जांच अधिकारी की जिरह में सामने आई कई अहम बातें
- भ्रष्टाचार के आरोपों पर अदालत में हुई सुनवाई, क्रॉस एग्जामिनेशन में उठे कई सवाल

- कॉल डिटेल के आधार पर बनाई गई थी जांच की दिशा
दीपक मेहता
नाहन (सिरमौर)। जिला सिरमौर के डॉ. वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज से जुड़े चर्चित भ्रष्टाचार मामले में अदालत में सुनवाई के दौरान जांच अधिकारी के बयान और जिरह ने कई अहम सवाल खड़े कर दिए। मामले में आरोपी डॉक्टर डॉ. गिरीश शर्मा पर ड्यूटी के दौरान बिना अनुमति अस्पताल छोड़कर सोलन जाने और निजी अस्पताल में काम करने के आरोप लगाए गए थे।

भ्रष्टाचार मामले में अदालत में सुनवाई के दौरान जांच अधिकारी के बयान से कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। अदालत में दिए गए बयान में विजिलेंस एवं एंटी करप्शन ब्यूरो के तत्कालीन इंस्पेक्टर अश्विनी कुमार ने बताया कि शिकायत की जांच के दौरान 5 जनवरी 2022 को टीम मेडिकल कॉलेज नाहन में मौजूद थी। उसी दौरान आरोपी डॉक्टर को 12:50 बजे कॉलेज से निकलते हुए देखा गया और बाद में उनका लोकेशन सोलन स्थित साईं संजीवनी अस्पताल में पाया गया। जांच के दौरान विजिलेंस ने सोलन के अस्पताल से सीसीटीवी फुटेज, एनेस्थीसिया रजिस्टर, सर्जरी नोट्स और अन्य दस्तावेज भी हासिल किए थे। साथ ही, मेडिकल कॉलेज नाहन से उपस्थिति रजिस्टर, ड्यूटी रिकॉर्ड और अवकाश आवेदन भी जब्त किए गए थे।
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अदालत में बचाव पक्ष की जिरह के दौरान जांच अधिकारी ने स्वीकार किया कि अन्य दिनों में आरोपी के सोलन जाने का कोई प्रत्यक्ष गवाह या सीसीटीवी फुटेज नहीं मिला। जांच का निष्कर्ष मुख्य रूप से मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) पर आधारित था। ऐसा कोई मरीज या सर्जरी रिकॉर्ड नहीं मिला जिससे साबित हो सके कि आरोपी डॉक्टर ने निजी अस्पताल में एनेस्थीसिया दिया हो। जांच अधिकारी ने यह भी बताया कि जांच के दौरान आरोपी के निजी प्रैक्टिस में शामिल होने का सीधा सबूत सामने नहीं आया।
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50 दिन अनुपस्थित रहने का आरोप
विजिलेंस की चार्जशीट में आरोप लगाया गया है कि डॉक्टर करीब 50 दिन तक बिना अनुमति ड्यूटी से अनुपस्थित रहे और उस अवधि का वेतन लिया। हालांकि बचाव पक्ष ने इन आरोपों को गलत बताते हुए जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। फिलहाल मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश की अदालत में जारी है और आने वाली तारीखों में अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे।
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