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Sirmour News: चेक बाउंस मामले में मिठाई कारोबारी की एक साल कैद की सजा बरकरार

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अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को सही ठहराया, निर्णय को चुनौती देने वाली याचिका खारिज
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- अदालत से डेढ़ लाख मुआवजा देने के आदेश भी कायम
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने चेक बाउंस के एक मामले में दोषी मिठाई कारोबारी को निचली अदालत की सुनाई गई एक साल की कैद और 1.50 लाख रुपये मुआवजा देने की सजा को बरकरार रखा है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने आरोपी की अपील खारिज करते हुए कहा कि ट्रायल कोर्ट का फैसला पूरी तरह कानून सम्मत है।
मामला राजगढ़ क्षेत्र का है। भारतीय स्टेट बैंक की राजगढ़ शाखा ने वर्ष 2022 में स्वीट शॉप की संचालक को कारोबार के लिए 1.28 लाख रुपये का टर्म लोन दिया था। बैंक के अनुसार आरोपी ने ऋण की किस्तों का नियमित भुगतान नहीं किया। इसके बाद बकाया राशि चुकाने के लिए 25 अप्रैल 2023 को 1,48,227 रुपये का चेक जारी किया गया। बैंक ने जब चेक भुगतान के लिए प्रस्तुत किया तो खाते में पर्याप्त राशि नहीं होने के कारण चेक बाउंस हो गया। इसके बाद बैंक ने आरोपी को कानूनी नोटिस भेजा, लेकिन निर्धारित अवधि के भीतर भुगतान नहीं किया गया। इस पर बैंक ने अदालत में शिकायत दायर की।
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30 जुलाई 2025 को ट्रायल कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार देते हुए एक वर्ष की कैद और 1.50 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश सुनाया था। आरोपी ने इस फैसले को अतिरिक्त सत्र न्यायालय में चुनौती दी।
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अपील में आरोपी पक्ष ने दलील दी कि बैंक ने खाली हस्ताक्षरित चेक का गलत इस्तेमाल किया है। वहीं अदालत ने फैसले में कहा कि आरोपी स्वयं ऋण लेने, चेक पर हस्ताक्षर करने और कानूनी नोटिस मिलने की बात स्वीकार कर चुकी है। अदालत ने माना कि आरोपी अपने बचाव में कोई ठोस साक्ष्य पेश नहीं कर पाई। इसी आधार पर अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने अपील खारिज करते हुए ट्रायल कोर्ट के फैसले और सजा को बरकरार रखा।
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