सीजेएम नाहन और अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी की अदालत ने सुनाया फैसला
ब्रेड क्रम, सूजी में मिले थे कीड़े और पनीर, दही के सैंपल पाए गए सब स्टैंडर्ड
खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से सैंपल फेल होने के बाद अदालत में दर्ज किए केस
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एक्सक्लूसिव/खास खबर...
चंद्र ठाकुर
नाहन (सिरमौर)। सीजेएम नाहन और अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी की अदालत ने तीन व्यवसायियों को 2.10 लाख रुपये जुर्माने का फैसला सुनाया है। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के मानकों के तहत खाद्य उत्पाद खरा न उतरने पर यह कार्यवाही की गई है। व्यवसायियों की ओर से बेचे जा रहे उत्पाद असुरक्षित और सब स्टैंडर्ड पाए गए।
दरअसल, जिला खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने करीब तीन वर्ष पहले धौलाकुआं और नाहन में दो दुकानों से
सूजी और ब्रैड क्रम के सैंपल भरे थे। इनमें कीड़े पाए गए थे। प्रयोगशाला की रिपोर्ट में यह खाद्य पदार्थ असुरक्षित पाए गए। विभाग ने सीजेएम नाहन की अदालत में केस दर्ज करवाया। अदालत ने हाल ही में धौलाकुआं के व्यवसायी को 50 हजार रुपये और नाहन के व्यवसायी को 60 हजार रुपये जुर्माने का फैसला सुनाया। व्यवसायियों की ओर से माफीनामे के बाद अदालत समाप्ति तक दोनों को एक दिन की सजा भी हुई।
वहीं, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी सिरमौर की अदालत ने एक अन्य व्यवसायी को सब स्टैंडर्ड खाद्य उत्पाद बेचने पर एक लाख रुपये जुर्माने का फैसला सुनाया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी और उनकी टीम ने एक होटल से दहीं और पनीर के सैंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे। रिपोर्ट में यह सब स्टैंडर्ड पाए गए। इसके बाद विभाग ने अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी की अदालत में केस दर्ज करवाया था। अदालत ने दही और पनीर दोनों खाद्य पदार्थों के लिए 50,000-50,000 रुपये के जुर्माने का फैसला सुनाया।
जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी प्रियंका कश्यप ने अदालत के फैसले की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि धौलाकुआं और नाहन से सूजी और ब्रैड, जबकि नाहन के एक होटल से दही और पनीर के सैंपल असुरक्षित और सब स्टैंडर्ड पाए गए। विभाग की ओर से सीजेएम नाहन और अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी की अदालत में केस दर्ज करवाए गए। उन्होंने बताया कि विभाग की ओर से लोगों की सुरक्षा के मद्देनजर खाद्य पदार्थों की लगातार चेकिंग की जा रही है। संवाद