साल 2017 में राजगढ़ थाना का मामला, मेले में झगड़े को रोकने के विवाद के बाद कर्मी के साथ मारपीट के लगे थे आरोप
न्यायिक मजिस्ट्रेट रितु सिन्हा ने सुनाया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। करीब नौ साल पहले सरकारी कर्मचारी पर हमले के मामले में अदालत ने दो आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है। इनमें तहसील राजगढ़ निवासी विरेंद्र कुमार और विनोद कुमार शामिल हैं। न्यायिक दंडाधिकारी रितु सिन्हा ने यह फैसला सुनाया है।
पुलिस थाना राजगढ़ में 15 जून 20217 को एफआईआर दर्ज की गई थी। इसमें शिकायतकर्ता गृहरक्षक ने ड्यूटी के दौरान आरोपियों पर मारपीट का आरोप लगाया था। जांच के मुताबिक आरोपी स्थानीय मेले के दौरान एक व्यक्ति के साथ मारपीट कर रहे थे। गृहरक्षक ने बीच-बचाव कर मामला शांत करवाया। लेकिन शाम के समय आरोपियों ने होमगार्ड के जवान के साथ मारपीट की। पुलिस ने मामले में आईपीसी की धारा 353, 332 और 34 के तहत चालान पेश किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 10 गवाह पेश किए, लेकिन गवाहों के बयानों में विरोधाभास के चलते अदालत ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया।