पुलिस ने 300 ग्राम चरस के साथ पकड़े जाने का लगाया था आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। एनडीपीएस एक्ट के मामले में अदालत ने दो आरोपियों को बरी करने के आदेश दिए हैं। अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष आरोपों को साबित करने में असफल रहा है।
स्पेशल जज गौरव महाजन की अदालत ने सभी तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार करने के बाद ये फैसला सुनाया। अदालत ने आरोपी राकेश कुमार और कपिल देव, दोनों निवासी अंधेरी, तहसील संगड़ाह, जिला सिरमौर को एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 और 29 के तहत लगाए आरोपों से बरी कर दिया।
दोनों के खिलाफ 5 फरवरी 2024 को पुलिस थाना श्री रेणुका जी में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस का आरोप था कि धनोई पुल के समीप गश्त के दौरान दो व्यक्ति आते हुए दिखाई दिए। इनमें से एक के दाहिने हाथ में नीले रंग का कैरी बैग था, जिसे उसने अपने साथ आए दूसरे व्यक्ति को दे दिया और खुद आराम करने के लिए बैठ गया।
पुलिस वाहन को देखकर कैरी बैग ले जा रहे व्यक्ति ने बैग सड़क किनारे फेंक दिया और वहां से भागने की कोशिश की। शक होने पर पुलिस ने उनका पीछा कर उन्हें पुल के पास पकड़ लिया। बाद में कैरी बैग की तलाशी लेने पर उसमें से 300 ग्राम चरस बरामद हुई थी। अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित नहीं कर सका, जिसके आधार पर अदालत ने दोनों आरोपियों को बरी करने के आदेश दिए।