स्वास्थ्य शिक्षिका कृष्णा राठौर ।
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नाहन (सिरमौर)। वैश्विक महामारी के दौर में बतौर स्वास्थ्य शिक्षिका सेवाएं दे रहीं कृष्णा राठौर प्रेरणास्रोत बन गई हैं। लॉकडाउन के दौर से लेकर अब तक स्वास्थ्य शिक्षिका कोरोना से बचाव को लेकर स्वास्थ्य खंड के हजारों लोगों को जागरूक कर चुकी हैं। वे चुनौतियों के बीच हर परिस्थिति का डटकर मुकाबला कर रही हैं। लॉकडाउन के दौरान क्वारंटीन लोगों के घर के हालात को देखते हुए राशन पानी का प्रबंध करने के साथ-साथ कृष्णा राठौर ने दिन-रात लोगों को सेवाएं दीं।
फील्ड में सेवाएं देने के बाद वह अपने घर पर बच्चों से भी अलग रहती थीं। धगेड़ा स्वास्थ्य खंड में तैनात स्वास्थ्य शिक्षिका कृष्णा राठौर ने महामारी के शुरूआती दौर में बाहर से आए लोगों को क्वारंटीन का जिम्मा संभाला। क्वारंटीन किए लोगों को मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट बांटना, उनकी रिपोर्ट महकमे को देना, लोगों के घर जाकर सैंपलिंग के लिए तैयार करना और एंबुलेंस में उन्हें अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था का कार्य बखूबी निभाया। स्वास्थ्य खंड में उन्होंने दो हजार से ज्यादा लोगों को क्वारंटीन किया। बता दें कि धगेड़ा स्वास्थ्य खंड में नाहन तहसील की दर्जनों पंचायतें शामिल हैं। कृष्णा राठौर कहती हैं कि आज के दौर में सबसे बड़ी चुनौती यह है कि अब लोगों में कोरोना का डर खत्म हो गया है। लोग यह भूल रहे हैं कि इस महामारी से जान तक जा सकती है। सिरमौर में अब कोरोना के दर्जनों मामले सामने आ रहे हैं। बावजूद इसके लोग लापरवाही बरत रहे हैं। कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए इस दिशा में व्यापक स्तर पर अभियान चलाने होंगे।