नाहन/ ददाहू (सिरमौर)। कोरोना कर्फ्यू के बीच पांच घंटे की ढील के बावजूद जिला मुख्यालय नाहन के बाजारों में खरीदारों की ज्यादा भीड़ नहीं उमड़ी। सोमवार को भी पिछले दिनों की तरह बाजार में स्थिति सामान्य रही।
सुबह ठीक नौ बजे शहर की दुकानें खुली लेकिन ग्राहक नाममात्र ही जुटे। कपड़े और जूते की दुकानें लंबे समय बाद खुलने के कारण दुकानदार जमीं धूल झाड़ते दिखे तो बार्बर की दुकानों में भी इक्का दुक्का लोग ही कटिंग के लिए पहुंचे। दुकानदारों को पांच घंटे की ढील में खरीदारों की भीड़ उमड़ने की काफी उम्मीद थी लेकिन शहर की अधिकतर दुकानों में 10 फीसदी भी कारोबार नहीं हो पाया। इससे कारोबारियों को निराशा हाथ लगी।
शहर के बाजार में अधिकतर दुकानदार पांच घंटे तक ग्राहकों की इंतजार में बैठे रहे। वहीं, कुछ मोबाइल एवं रिपेयर शॉप पर भी इक्का दुक्का लोग ही दिखाई दिए। इस दौरान वाहनों की आवाजाही भी काफी कम रही। बसों की आवाजाही बंद होने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों से लोग शहर की ओर नहीं पहुंचे। शहर के ही कुछ स्थानीय लोग बाजारों में घूमते दिखाई दिए। इस दौरान पुलिस भी व्यवस्था बनाए रखने और कोरोना प्रोटोकाल का पालन कराने के लिए बाजार और सड़कों पर जुटी रहीं।
शहर के जूता व्यापारी एवं युवा समाजसेवी गोपाल अग्रवाल ने बताया कि उन्हें काफी उम्मीद थी कि लंबे समय पर दुकानें खुलने से कारोबार बढ़ेगा लेकिन बाजार में ग्राहक ही नहीं पहुंचे। इक्का दुक्का दुकानों पर ही लोग खरीदारी करते नजर आए। सोमवार को दुकानें खुलने के बाद दुकानदार भी दुकानों की सफाई में जुटे रहे। इस दौरान दुकानों में 10 फीसदी कारोबार भी नहीं हो पाया।
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ददाहू में दिखा मिला-जुला असर
कोरोना कर्फ्यू के दौरान पांच घंटे की ढील का सोमवार को ददाहू बाजार में मिलाजुला असर दिखाई दिया। सोमवार की सुबह नौ बजे से ही सभी दुकानें खुलना शुरू हो गई थी। पूरे तीन हफ्ते बाद दुकानें खुलने से अधिकतर दुकानदारों ने राहत की सांस ली।
इसके अतिरिक्त बैंकों, अस्पताल और डाकघर आदि में भी लोगों की भारी भीड़ रही लेकिन कपडे़, जूते, बर्तन, बार्बर, ज्वेलर और मनियारी की दुकानों में लोगों की भारी रौनक दिखाई दी। यह दुकानें बीती सात मई से ही बंद पड़ी हुई थी।
बसों के अभाव के चलते अधिकतर ग्रामीण अपने निजी वाहनों के जरिये ही जरूरी काम से बाजारों में निकले। इससे ददाहू बाजार में वाहनों की कतारें भी लगी दिखाई दीं। हालांकि पुलिस कर्मी वाहनों को बाजार से हटवाने में जुटे रहे। सभी दुकानों को पुलिस ने दोपहर दो बजे बंद करवा दिया था। उसके पश्चात बाजार में पूरी तरह से सन्नाटा पसर गया। लोग अपने घरों से बाहर ही नहीं निकले।
एसएचओ रेणुका देवी सिंह नेगी ने बताया कि प्रशासन की ओर से बाजार खुलने में मिली पांच घंटे की छूट का सोमवार को मिलाजुला असर दिखाई दिया। बाजार खुलने के दौरान ही अधिकतर लोग अपने घरों से बाहर निकले। लोगों को कोरोना नियमों का पालन करने और मास्क पहनने के लिए भी प्रेरित किया गया। लोग स्वयं ही कोरोना गाइडलाइन का पालन करके प्रशासन का सहयोग कर रहे हैं।