पत्रकार वार्ता में बोले, मनरेगा बचाओ संग्राम के हिमाचल और चंडीगढ़ के सह प्रभारी विदित चौधरी
12 जनवरी को गांव-चौपाल स्तर पर जागरण और पंफलेट वितरण कार्यक्रम, संसद तक लड़ेंगे लड़ाई
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। वीबी जी-राम-जी का नाम बदलकर फिर से मनरेगा किया जाए। इसमें पहले जो प्रावधान थे उन्हें यथावत रहने दिया जाएं। यह बात हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सह प्रभारी और मनरेगा बचाओ संग्राम के हिमाचल और चंडीगढ़ के सह प्रभारी विदित चौधरी ने शनिवार को नाहन में पत्रकार वार्ता में कही।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने मनरेगा कानून का नाम बदल दिया है। वहीं महात्मा गांधी के नाम को भी हटा दिया। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के कारण देश को आजादी मिली। उनके नाम को हटाया जाना उनकी संकीर्ण मानसिकता को दर्शाता है। वहीं इस कानून में नियमों को बदला जा रहा है। इसके चलते जरूरतमंद लोगों की मुश्किलें बढ़ेंगी।
चौधरी ने कहा कि मनरेगा कानून को समाप्त करने के विरोध में प्रदेश स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। शनिवार को पूरे प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में पत्रकारवार्ता के माध्यम से विरोध जताया गया है। सभी वरिष्ठ नेता इसमें शामिल हुए हैं। 12 जनवरी से गांव, चौपाल स्तर पर जनजागरण और पंफलेट वितरण कार्यक्रम होगा। जब तक मजदूरों के अधिकार बहाल नहीं हो जाते तब तक कांग्रेस पार्टी गांव से लेकर संसद तक लड़ाई लड़ेगी।
उन्होंने कहा कि मनरेगा के तहत पूर्व में 90:10 के अनुपात में देश भर में बजट मिल रहा था। अब बहुत से राज्यों में इसका अनुपात 60:40 का अनुपात कर दिया गया है। 40 प्रतिशत धनराशि भी राज्यों को पहले जमा करवानी होगी, तभी केंद्र की तरफ से 60 प्रतिशत राशि जारी की जाएगी। उन्होंने कहा कि भाजपा शासित सरकार उन्हीं राज्यों में बजट जारी करेगी, जहां पर भाजपा की सरकार होगी।
पत्रकार वार्ता में जिला कांग्रेस अध्यक्ष आनंद परमार, पूर्व विस अध्यक्ष जीआर मुसाफिर, पूर्व विधायक अजय बहादुर सिंह के अलावा जिला और मंडल स्तर के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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