शिलाई क्षेत्र की सतौन पंचायत स्वच्छता के बारे में गंभीर हो रही है। पंचायत ने सतौन में स्थापित उद्योगों पर सफाई शुल्क 500 से बढ़ाकर 800 रुपये प्रति महीना किर दिया है। सतौन पंचायत प्रति महीना सफाई के लिए लगभग 21000 रुपये इकट्ठा करेगी, जिसे सतौन पंचायत की साफ-सफाई पर खर्च किया जाएगा।
सतौन पंचायत ने कुछ साल पहले सतौन पंचायत विकास समिति का गठन किया है, जिसमें प्रति महीना सफाई शुल्क इकट्ठा किया जाता है। सतौन पंचायत विकास समिति पहले सफाई शुल्क 500 रुपये प्रति महीना वसूलती थी, लेकिन जनवरी 2016 से बढ़ाकर 800 प्रति उद्योग पर लगा दिया है। सतौन में 26 उद्योग हैं जिनसे पंचायत प्रति महीना 800 रुपये सफाई के लिए इकट्ठा करेगी।
पंचायत ने सतौन की गलियों की साफ-सफाई के लिए एक कर्मचारी रखा है, जिसे प्रति महीना तनख्वाह विकास समिति देती है। कर्मचारी सतौन की गलियों की साफ-सफाई का कार्य करेगा। विकास समिति अभी उद्योगों से ही सफाई शुल्क ले रही है लेकिन पंचायत अब सतौन के दुकानदारों और सतौन में स्थापित चूना पत्थर के व्यवसायियों पर भी यह शुल्क लगाने की तैयारी कर रहा है।
सतौन पंचायत प्रधान रजनीश चौहान ने बताया कि सतौन पंचायत विकास समिति ने जनवरी 2016 से सफाई शुल्क 500 रुपये बढ़ाकर 800 रुपये कर दिया है जिसे पंचायत पूरे सतौन की स्वच्छता पर खर्च करेगी। सतौन पंचायत को स्वच्छ रखने का पंचायत जोर शोर से प्रयास करेगी। प्रधान ने बताया कि कुछ ग्रामीणों ने शॉक पिट का निर्माण नहीं करवाया है जिन्हें आगामी बैठक में सख्ती से आदेश निकाले जाएंगे