श्री रेणुकाजी तीर्थ की स्वेच्छा से सफाई कीजिए और प्रशस्ति पत्र पाइए
तीर्थ की स्वच्छता बरकरार रखने के लिए वन्य प्राणी विभाग ने शुरू की नई पहल
श्रमदान करने वाले लोग होंगे सम्मानित, प्रशस्ति पत्र के साथ वेटलैंड मित्र खिताब
संवाद न्यूज एजेंसी
ददाहू (सिरमौर)। धार्मिक एवं पर्यटन नगरी श्री रेणुकाजी के परिक्रमा पथ (मार्ग) में श्रमदान करने वाले पर्यटकों, श्रद्धालुओं व यात्रियों को प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया जाएगा। रेणुकाजी विकास बोर्ड व वन्य प्राणी विभाग ने साथ मिलकर तीर्थ को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने के लिए एक नई पहल की शुरुआत की है।
इसके तहत संक्रांति, अमावस्या व अन्य किसी भी धार्मिक पर्व या दिन के मौके पर श्री रेणुकाजी तीर्थ के परिक्रमा पथ, स्नान घाट, मंदिर परिसर व अन्य स्थानों पर स्वेच्छा से श्रमदान करने पर उसे वेटलैंड मित्र के खिताब से नवाजे जाने के साथ उसे प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।
शनिवार को पौष संक्रांति से इस मुहिम की शुरुआत की गर्ई है। पहले दिन नवदुर्गा आईटीआई के 27 प्रशिक्षु छात्रों ने श्री रेणुकाजी के परिक्रमा मार्ग और स्नान घाट आदि स्थानों पर श्रमदान (सफाई) करके 17 बोरे कूड़ा करकट एकत्रित किया, जिन्हें विभाग की ओर से प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
वन्य प्राणी विभाग विहार रेणुकाजी में कार्यरत प्रशिक्षु (प्रोवेशनल) डीएफओ गुरु हर्ष सिंह ने इस मुहिम की शुरूआत करते हुए बताया कि आध्यात्मिक व प्राकृतिक रूप से परिपूर्ण इस पवित्र स्थल को स्वच्छ बनाए रखना समाज के प्रत्येक नागरिक की जिम्मेवारी है।
ऐसे ऐतिहासिक व रमणीक स्थलों के प्राकृतिक स्वरूप को बरकरार रखने के लिए एक मुहिम के तहत कार्य किया जा रहा है।
इसको लेकर सामूहिक और स्वेच्छा से आगे आने वाले संगठनों, पर्यटकों, यात्रियों व श्रद्धालुओं को इस मुहिम के साथ जोड़कर उन्हें के श्रमदान के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसको लेकर विभाग ने आकर्षक प्रशस्ति पत्र भी तैयार किए हैं।
इस मुहिम में जुड़ने के लिए लोगों को मास्क, ग्लब्ज, झाडू व खाली बैग आदि विभाग की ओर से प्रदान किए जाएंगे ताकि यहां आने वाले लोग श्रमदान का पुण्य कमाने के साथ-साथ इन पलों को यादगार के रूप में भी साथ ले जा सकें।
इस मुहिम को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन के साथ-साथ श्री रेणुकाजी का तीर्थ में रह रहे दुकानदारों व संत महात्माओं का सहयोग भी लिया जाएगा।
इस मौके पर रेणुकाजी विकास बोर्ड के सीईओ रविंद्र गुप्ता, आरओ नंदलाल ठाकुर, जीव वैज्ञानिक सौरव पंडित व आईटीआई के निदेशक इंद्रप्रकाश गोयल सहित वन्य प्राणी विभाग के अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।