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Sirmour News: चूड़धार में श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू, औपचारिक अनुमति का इंतजार

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वीकेंड में चूड़धार यात्रा पर पहुंचे श्रद्धालु। स्रोत : समिति
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-चूड़धार सेवा समिति ने श्रद्धालुओं से की अभी मंदिर न आने की अपील
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-भंडारे, ठहरने, शौचालय आदि बुनियादी सुविधाओं की अभी व्यवस्था नहीं

संवाद न्यूज एजेंसी

नाहन/नौहराधार (सिरमौर)। धार्मिक नगरी चूड़धार में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। हालांकि प्रशासन की ओर से अभी यात्रा को लेकर कोई औपचारिक अनुमति जारी नहीं की गई है। इसके बावजूद शनिवार और रविवार को सैकड़ों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। चूड़ेश्वर सेवा समिति ने श्रद्धालुओं से फिलहाल यात्रा न करने की अपील की है।

समिति के प्रबंधक बाबू राम शर्मा ने बताया कि अभी चूड़धार में भंडारे, ठहरने, शौचालय समेत अन्य बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में श्रद्धालु अपने जोखिम पर यात्रा कर रहे हैं, जिससे उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि बर्फ पिघलने की प्रक्रिया जारी है, जिससे फिसलन और मार्ग भटकने का खतरा बना हुआ है। प्रशासन की अनुमति मिलने के बाद ही यात्रा को नियमित रूप से शुरू किया जाएगा। तब ही सुविधाएं भी बहाल की जाएंगी।
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संभावना जताई जा रही है कि एक मई से यात्रा को लेकर अनुमति जारी हो सकती है। जिला सिरमौर, शिमला और सोलन के आराध्य देव शिरगुल महाराज के दर्शन के लिए हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। नवंबर से 15 अप्रैल तक भारी बर्फबारी के कारण चूड़धार के कपाट बंद रहते हैं। अब कपाट खुल चुके हैं, लेकिन व्यवस्थाएं अभी पूरी तरह बहाल नहीं हुई हैं।

गौरतलब है कि चूड़धार की यात्रा हिमाचल की कठिनतम यात्राओं में शामिल है। करीब 11,965 फीट की ऊंचाई पर स्थित इस धार्मिक स्थल तक नौहराधार से लगभग 14 किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई तय करनी पड़ती है। पथरीले रास्ते और दुर्गम मार्ग के चलते हर साल कई श्रद्धालु रास्ता भटक जाते हैं या हादसों का शिकार हो जाते हैं।
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वहीं, नौहराधार व्यापार मंडल से जुड़े स्थानीय लोगों का कहना है कि अब मौसम धीरे-धीरे अनुकूल हो रहा है। बर्फ भी पिघल रही है। फिलहाल आसपास के क्षेत्रों से ही श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, लेकिन आने वाले दिनों में संख्या बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि यात्रा पूरी तरह मौसम और प्रशासनिक अनुमति पर निर्भर करेगी। संवाद
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