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Sirmour News: दोषी की अपील की खारिज, ट्रायल कोर्ट के आदेश बरकरार

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सत्र न्यायाधीश की अदालत ने चेक बाउंस मामले के दोषी की अपील की खारिज
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भुगतना होगी छह महीने की साधारण कारावास और 8,00,000 रुपये जुर्माने की सजा
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। सत्र न्यायाधीश सिरमौर योगेश जसवाल की अदालत ने दोषी की अपील की खारिज करते हुए ट्रायल कोर्ट के आदेशों को बरकरार रखा है।
आदेशों के अनुसार हीरा पाल शर्मा पुत्र हरि राम निवासी संगड़ाह की तरफ से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 415 के तहत अपील की गई थी। अपील सिरमौर जिले के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट, नाहन की ओर से दिए गए फैसले के खिलाफ की गई थी।
ट्रायल कोर्ट के सामने आरोपी को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत दंडनीय अपराध करने का दोषी ठहराया गया था और उसे छह महीने की साधारण कैद और 8,00,000 रुपये का जुर्माना भरने की सजा सुनाई गई थी और जुर्माना, अगर दिया जाता है या वसूल किया जाता है तो उसे शिकायतकर्ता को मुआवजे के तौर पर दिए जाने के आदेश जारी किए थे। जुर्माना न देने पर, अपील करने वाले को तीन महीने की साधारण कैद काटने के भी आदेश दिए गए थे।
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ट्रायल कोर्ट में शिकायतकर्ता ने कहा था कि आरोपी शिकायत करने वाले को अच्छी तरह जानता था और दोनों पार्टियों के बीच अच्छे रिश्ते थे। आरोपी ने अगस्त, 2017 में शिकायतकर्ता को 4,00,000 रुपये उधार देने के लिए कहा। शिकायतकर्ता ने आरोपी को पैसे दिए और आरोपी ने एक महीने के अंदर उधार ली गई रकम वापस करने का भरोसा दिया। शिकायत करने वाला सितंबर, 2017 के दूसरे हफ्ते में आरोपी के पास गया और उससे उधार ली गई रकम वापस करने का अनुरोध किया।
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इस पर आरोपी ने उसे अपने बैंक खाता का चेक जारी किया, लेकिन जब शिकायतकर्ता ने बैंक में चेक लगाया तो वह बाउंस हो गया। आरोपी को नोटिस जारी करके 15 दिनों के अंदर रकम चुकाने को कहा गया, लेकिन नोटिस की सही सर्विस के बावजूद आरोपी ने रकम नहीं चुकाई। इसलिए, आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए शिकायत दर्ज की गई थी।
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