-झकांडो और बनोग खत के ग्रामीणों ने संभाली सेवा की जिम्मेदारी
-लंगर से लेकर चाय और वाहनों की व्यवस्था तक की तैयारी
संवाद न्यूज एजेंसी
शिलाई (सिरमौर)। चालदा महासू महाराज की हिमाचल प्रदेश से उत्तराखंड वापसी की ऐतिहासिक देव यात्रा का पहला रात्रि पड़ाव झकांडो खत के द्राबिल गांव में होगा। महाराज की सेवा का सौभाग्य मिलने से झकांडो और बनोग खत के गांवों में उत्साह का माहौल है। यात्रा के दौरान हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए ग्रामीणों ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
द्राबिल स्थित महासू मंदिर में दोनों खतों के नंबरदारों की अध्यक्षता में हुई बैठक में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जिम्मेदारियां तय की गईं। निर्णय के अनुसार, झकांडो खत के ग्रामीण लंगर तैयार करेंगे, जबकि बनोग खत के लोग श्रद्धालुओं को भोजन परोसेंगे। वहीं, शिरी क्यारी पंचायत के नंबरदार चाय की व्यवस्था संभालेंगे। द्राबिल के गब्दऊ भाट ने क्षेत्र की खश बिरादरी का आभार जताते हुए महाराज के काफिले के साथ आने-जाने वाले श्रद्धालुओं के आवागमन और वाहनों की व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी ली है। देव यात्रा को लेकर क्षेत्र के ग्रामीणों में खासा उत्साह है। महाराज की सेवा के लिए विभिन्न गांवों के लोगों का एकजुट होना उनकी आस्था और सामूहिक सहयोग को दर्शाता है। विदाई के इस ऐतिहासिक अवसर पर द्राबिल में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने की संभावना है।
इस बैठक में बनोग खत के नंबरदार जागर सिंह चौहान, झकांडो खत के नंबरदार मोहन सिंह, चमेल सिंह, नेत्र सिंह,बस्ती राम शर्मा, अत्तर सिंह चौहान, जगत राम शर्मा, दुला राम शर्मा, रामभज, हरिराम शर्मा सहित कई लोग मौजूद रहे।-