पांवटा साहिब (सिरमौर)। कोरोना काल की दूसरी लहर में लॉकडाउन से व्यापार मंदी के दौर से गुजर रहा है। अब राज्य सीमाएं पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए पूरी तरह से प्रदेश में खोल दी गई है। बाहरी राज्यों से पहुंचने वाले वाहनों की संख्या में भारी इजाफा भी हुआ है लेकिन बाजार की रौनक और खरीदार अभी भी गायब है। व्यापारियों से बातचीत करने पर पता चला कि अभी भी मंदी का दौर जारी है।
पांवटा में पाल जूस संचालक पाल सिंह ने कहा कि व्यापार काफी मंदी के दौर से गुजर रहा है। अब पांवटा बाजार में भीड़ सुबह शाम उमड़ तो रही है। बाहरी राज्यों से वाहन एवं यात्री पहुंचने लगे हैं। वाहनों की संख्या बढ़ने से कई बार छोटी गलियों में जाम की हालत रहती है लेकिन लोग पहले की तरह खरीदारी से गुरेज कर रहे हैं। अभी तक तो मंदी का दौर ही चल रहा है।
फुटवियर शॉप संचालक गुरदेव सिंह चौधरी का कहना है कि पहले कोरोना से व्यापार प्रभावित रहा है। अब गर्मियों में उमस है। अभी भी सरकारी व निजी स्कूल बंद पड़े हैं। सुबह व शाम को बाजार में कुछ भीड़ नजर आती तो है। बावजूद इसके फुटवियर व्यवसाय गति नहीं पकड़ पाया है।
युवा व्यापारी निशांत गुप्ता ने कहा कि कारोबार ठप है। डेढ़ वर्ष से काम बहुत प्रभावित हुआ है। रजाई, गद्दे, तकिया व चादरों की खरीद कम ही हो पा रही है। काफी कम संख्या में ग्राहक पहुंच रहे है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों से अब भी बहुत कम ही खरीदार आ रहे है।
ज्वेलरी शॉप संचालक संजीव वर्मा का कहना है कि डेढ़ वर्ष से कारोबार काफी बुरे दौर से गुजर रहा है। फेस्टिबल सीजन तक में बिक्री कम ही होती रही है। विवाह के सीजन में भी कुछ काम नहीं आ पा रहा है। हालात सुधरने में अभी भी कुछ वक्त लगेगा। लोग अब तक भी निवेश से घबरा रहे हैं।
रेडीमेड गारमेंट व्यवसायी संजीव कटारिया ने कहा कि लॉकडाउन तक दिक्कतें रही हैं लेकिन अनलॉक होने के बाद से धीरे-धीरे हालात बदल रहे हैं। अब रेडीमेड गारमेंट खरीद को ग्रामीण और स्थानीय क्षेत्रों से लोग पहुंचने लगे हैं। आने वाले कुछ दिनों में व्यापार फिर से पटरी पर लौटने की काफी उम्मीदें बंधी है।