नाहन (सिरमौर)। समय: सुबह 9:30 बजे। स्थान: नाहन बस स्टैंड। नाहन से पांवटा जाने वाली बस तैयार है लेकिन सवारियां नाममात्र है। लगभग 16 सवारियों को बैठाकर यह बस पांवटा के लिए रवाना हुई। समय: लगभग 10: 18 बजे। दिल्ली गेट पर कुछ लोग बस के इंतजार में बैठे हैं। पांवटा जाने के लिए बैठे सुनील ने बताया कि वह करीब आधा घंटे से प्रचंड धूप में बस का इंतजार कर रहे हैं। अन्य कई बस स्टॉप पर लोग बस का इंतजार करते हुए देखे गए।
सोमवार से जिले में एचआरटीसी ने 50 फीसदी आक्यूपेंसी के साथ अपनी बस सेवा शुरू कर दी। इससे जनजीवन पटरी पर लौट आया है। हालांकि निगम 74 रूटों पर बसें चलाने वाला था, लेकिन सवारियां नहीं मिलने के कारण 60 रूटों पर ही बसें चल पाईं। कई लोगों को रूट पर बस सेवा की बहाली और इसकी समय सारिणी के बारे में जानकारी नहीं थी। इस वजह से भी लोग बसों के लिए नहीं निकले। कई रूटों पर बसों की अच्छी सवारियां मिलीं तो कई रूटों पर बसें खाली दौड़ती हुईं देखी गई। वहीं कुछ रूट ऐसे भी थे जहां बसों की कमी से सवारियां परेशान दिखीं।
गिरिपार क्षेत्र के अधिकांश ग्रामीण रूटों पर सरकारी बस सेवा का काफी अभाव है। नौहराधार, कुपवी, हरिपुरधार और बोगधार आदि ग्रामीण क्षेत्र के रूटों पर सरकारी बस सेवा की भारी कमी है। इन क्षेत्रों में निगम प्रबंधन ने एक आध रूटों पर ही बस सेवा बहाल की है। निजी बस सेवा ठप रहने के कारण इन क्षेत्रों में लोगों को आवाजाही संबंधी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, शहरी क्षेत्रों में पहले दिन बसों में सवारियाें की आवाजाही शुरू हुई। बसों में सामाजिक दूरी का पालन करते हुए सवारियां को बैठाया गया। हालांकि, निगम प्रबंधन ने सोमवार से 74 रूटों की समय सारिणी जारी की है लेकिन शाम तक निगम 60 के करीब रूटों पर ही बस सेवा बहाल हो पाई।
निगम प्रबंधन का तर्क है कि सवारियों का अभी काफी अभाव है। जिन रूटों पर सवारियां मिल रही हैं, ऐसे रूटों पर ही बस सेवा चलाई जा रही है। बस अड्डा प्रभारी सुखराम ने बताया कि सोमवार को 60 रूटों पर बसें चलाई गई हैं। उन्होंने बताया कि अभी बसों को काफी कम सवारियां मिल रही हैं। जिस तरह सवारियां मिलेंगी उसके अनुसार ही बसें चलाई जा रही हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही रूटों पर बसों को सवारियां मिलेंगी।
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