बरसात में रुक जाता है आवागमन, नगदी फसलों को मंडी पहुंचाने में होती है दिक्कत
ग्रामीणों ने बरसात से पहले में पुल बनाने की उठाई मांग
देवराज शर्मा
सराहां (सिरमौर)। पच्छाद क्षेत्र की आधा दर्जन पंचायतों को लाभान्वित करने वाली सराहां-कोट डढोल सड़क के बीचोबीच चढ़याना गांव के पास जलालखड्ड पर पुल न बनने के कारण क्षेत्र की चार पंचायतों के लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
इसे लेकर ग्रामीणों ने सरकार और विभाग से गुहार लगाई है कि इस साल बरसात होने से पहले यहां पर पुल का निर्माण करवाया जाए। बरसात में आधा दर्जन पंचायतों के किसानों और दूध उत्पादकों को नकदी फसलें और दूध बेचने में परेशानी हाेती है।
बता दें कि इस सड़क पर सरकारी व प्राइवेट बस सेवा चलती है। जलाल खड्ड के चढ़याना गांव के पास पुल न होने के कारण बरसात में अकसर ये सड़क बंद हो जाती है। इस कारण किसानों, बागवानों को अपनी चीजें को बेचने के लिए घंटों तक चलना पड़ता है। स्कूली बच्चों को भी स्कूल जाने के भी परेशानी होती है। ऐसे में यदि यहां पर पुल का निर्माण होता है तो करीब दस हजार लोगों को फायदा पहुंचेगा।
इस सड़क से धार टिक्करी, डिंगर किन्नर, जयहर, लाना बांका व बागथन पंचायतों के लोग जुड़ते हैं। क्षेत्रवासी जितेंद्र ठाकुर, पूर्व पंचायत प्रधान दलीप सिंह, धार टिकरी पंचायत प्रधान अरुणा ठाकुर, उप प्रधान संदीप कुमार, जीत सिंह, अर्जुन सिंह व सुरेंद्र कुमार ने बताया कि सराहां-कोट सड़क में जलाल खड्ड पर पुल निर्माण न होने के कारण बरसात और जरा सी वर्षा के बाद खड्ड में भारी मात्रा में पानी आने के कारण इस सड़क पर यातायात प्रभावित हो जाता है। इस कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने अतिशीघ्र पुल निर्माण की मांग की है।
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता दलीप सिंह कौंडल ने बताया कि सड़क को नाबार्ड के तहत बनाने को लेकर मूल्यांकन कर दिया है। चढ़याना गांव के पास जो पुल निर्माण होना है उसका भी प्रपोजल बनाकर उच्च अधिकारियों को भेज दिया है।