क्षतिग्रस्त बोहल मार्ग तीन साल बाद भी नहीं बहाल, ग्रामीणों में आक्रोश
बार-बार मार्ग को सुधारने की मांग उठाते रहे हैं ग्रामीण, नहीं हो रही सुनवाई
-संबंधित विभाग और कंपनी के खिलाफ लगातार पनप रहा रोष, प्रतिदिन परेशानी झेल रहे ग्रामीण
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब/सतौन (सिरमौर)। पांवटा साहिब-शिलाई से गुम्मा एनएच-707 के निर्माण के दौरान बोहल गांव का संपर्क मार्ग तीन वर्ष पहले क्षतिग्रस्त हो गया। यह मार्ग तिलौरधार से बोहल गांव को जोड़ता था। तीन साल बीत जाने के बाद भी इसकी मरम्मत नहीं हो पाई है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
पिछले वर्ष गांव की महिलाओं और ग्रामीणों ने मार्ग ठीक करने की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन भी किया, लेकिन सरकार और संबंधित विभाग के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। हालत यह है कि सड़क तो दूर, यहां पैदल चलने योग्य पगडंडी भी नहीं बन पाई है। स्कूली बच्चों और अन्य ग्रामीणों को आवागमन में भारी दिक्कतें हो रही हैं। उन्हें गांव तक पहुंचने के लिए काफी दूर घूमकर जाना पड़ता है।
ग्राम बोहल निवासी कमला देवी, नारायणी देवी, रेखा, संतोष देवी, सीता देवी, सुनीता, विमला देवी, कांता, राजेंद्र शर्मा, पूरन तोमर, जगत ठाकुर, बलबीर सिंह, मामराज शर्मा सहित तिलौरधार व्यापार मंडल के प्रधान प्रताप ठाकुर ने चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि एनएचएआई और संबंधित ठेकेदार की लापरवाही से जनता परेशान है। करीब तीन दशक पहले बनी यह सड़क एनएच-707 की खोदाई से ध्वस्त हुई थी, लेकिन अब कोई इसको सुधारने की तरफ ध्यान नहीं दे रहा है।
उन्होंने बताया कि एक साल पहले क्षतिग्रस्त मार्ग पर महिलाओं के धरने के बाद तीन फीट चौड़ा रास्ता बनाने का आश्वासन मिला था। इसमें लोहे की सीढ़ियां तैयार करने की बात कही गई थी, लेकिन यह कार्य अभी तक पूरा नहीं हो सका है। एनएचएआई और निर्माण कंपनी ने पगडंडी तक नहीं बनाई। लोगों को बदहाल रास्तों से घूमकर घर तक पहुंचना पड़ रहा है। बरसात में कई बुजुर्ग और स्कूली बच्चे गिरकर चोटिल हो चुके हैं।
ग्राम पंचायत बोहल बल्दवा खुंईनल के प्रधान इंद्र सिंह शर्मा और पूर्व प्रधान नरेश तोमर ने समस्या बताई। कमरऊ पंचायत के पूर्व प्रधान मोहन ठाकुर, पूरन तोमर, मामराज शर्मा, राम सिंह और नीता राम ने भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने एसडीएम कफोटा, तहसीलदार कमरऊ और एनएचएआई अधिकारियों से समाधान की मांग की।
कार्यकारी तहसीलदार कमरऊ प्रकाश चंद ने बताया कि ग्रामीणों की समस्या के बारे में एनएचएआई और कंपनी प्रबंधन को रिमाइंडर भेज कर अवगत करवाया जाएगा। बोहल गांव के लोगों की समस्या को देखते हुए तिलौरधार के समीप से रास्ता तैयार किया जाए।