-प्रदेश के अन्य मेडिकल काॅलेजों को प्रदान की आर्थिक सहायता, नाहन को थमाया शून्य
-नाहन में पत्रकारवार्ता में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डा. राजीव बिंदल ने उठाए सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। सिरमौर के एकमात्र डाॅ. वाईएस परमार मेडिकल काॅलेज एवं अस्पताल नाहन की प्रदेश सरकार लगातार अनदेखी कर रही है। हाल ही में राज्यपाल ने प्रदेश सरकार की लिखी गई एक रिपोर्ट प्रस्तुत की। रिपोर्ट कई सवाल खड़े कर रही है। यह विचार नाहन में आयोजित पत्रकारवार्ता में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डाॅ. राजीव बिंदल ने रखे।
उन्होंने कहा कि रिपोर्ट के अनुसार हिमाचल प्रदेश के चंबा मेडिकल कॉलेज, हमीरपुर मेडिकल कॉलेज, टांडा मेडिकल कॉलेज, चमियाना सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल और आईजीएमसी शिमला को अलग-अलग प्रकार से आर्थिक सहायता दी गई है। हमीरपुर मेडिकल कॉलेज को तो ज्यादा मात्रा में सहायता प्रदान की गई, लेकिन हैरानी इस बात की है कि मेडिकल काॅलेज नाहन को आर्थिक सहायता के नाम पर शून्य थमाया गया। एक पैसा भी मेडिकल काॅलेज को नहीं दिया गया है।
बिंदल ने कहा कि मेडिकल कॉलेज का काम, निर्माण कार्य काम लगभग साढ़े तीन साल से बंद पड़ा है। सरकार इसको लेकर गंभीर नजर नहीं आ रही है। जो निर्माण कार्य को लेकर पैसा केंद्र सरकार ने दिया भी है, उसका भी सदुपयोग नहीं किया जा रहा है। वह पैसा कहां है, कोई नहीं जानता।
बिंदल ने कहा कि माता और शिशु अस्पताल को लेकर 20 करोड़ रुपये दिए गए। इसके लिए स्थान चयनित किया गया, जंगल कट गया लेकिन तीन साल बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया। इसी प्रकार केंद्र की सरकार ने नाहन मेडिकल कॉलेज के लिए एक नर्सिंग कॉलेज भी दिया, लेकिन यह भी नहीं बन पाया है।
उन्होंने कहा कि मेडिकल काॅलेज की अनदेखी के चलते यहां आए दिन आने वाले रोगियों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। सरकार ने नाहन को एक बार फिर बैक फुट के ऊपर खड़ा कर दिया है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि यहां सुविधाओं पर काम किया जाए।
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