हिमाचल प्रदेश विकास के मामले में चार वर्षों के भीतर 20 वर्ष पीछे चला गया : बिंदल
इस सरकार के राज में कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ रही, खनन माफिया व वन माफिया सक्रिय
प्रदेश में 75 वर्षों के इतिहास में पहली सरकार जिसने दो हजार संस्थानों को बंद कर ताले लगाए
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। हिमाचल प्रदेश की वर्तमान सुखविंद्र्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार ने प्रदेश को विकास के मामले में बीस वर्ष पीछे कर दिया है। जो प्रदेश विकास तेजी से आगे बढ़ रहा था, आज विकास की गति शून्य हो गई है। इस सरकार को तालाबंदी सरकार के रूप में जाना जाएगी। पूरे प्रदेश में करीब दो हजार संस्थानों को ताले लगा दिए। प्रदेश में माफिया राज है, कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने शनिवार को पत्रकार वार्ता में ये बात कही।
बिंदल ने कहा कि वर्ष 2027 का चुनाव एकतरफा होगा। भाजपा प्रचंड बहुमत के साथ अपनी सरकार बनाएगी। ये जनता ने मन बना लिया है। केंद्र सरकार के सहयोग से कई विकास योजना योजना कार्य पूरे हुए है या कार्य प्रगति पर चल रहे है। प्रदेश देवभूमि के रूप के नाम से जाना जाता है। आज प्रदेश में कबाड़ और ड्रग माफिया के बीच गैंगवार चलता रहा है। वो बिलासपुर की घटना हो या बद्दी बरोटीवाला, नालागढ़, चंबा या ऊना की घटना हो। आखिर किसके संरक्षण में माफिया पल रहा है। प्रदेश की जनता ने परेशान होकर कांग्रेस को सबक सिखाने के लिए पंचायतीराज, निकाय चुनाव में चारों खाने चित किया है।
चार नगर निगम के चुनाव में सरकारी संपत्ति का दुरुपयोग किया। पूरी ताकत सरकार ने लगाई इसके बाद भी तीन में भाजपा ने जीत दर्ज की। जिला परिषद व बीडीसी में भी भाजपा ने जीत दर्ज की है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष के गृह जिला सिरमौर में 17 जिला परिषद में से 13 सीटें भाजपा ने जीती हैं। एक निर्दलीय और दो सीटें कांग्रेस के खाते में आ सकीं। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष के जिला में जिला परिषद अध्यक्ष व उपाध्यक्ष बने है।
इस अवसर पर सांसद सुरेश कश्यप, विधायक पांवटा व पूर्व ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी, पूर्व विधायक बलदेव तोमर व मनीष चौहान मौजूद रहे।