मोहतू गांव में श्रीमद्भागवत कथा में सजी भव्य भजन संध्या
संवाद न्यूज एजेंसी
संगड़ाह (सिरमौर)। मोहतू में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन भजन संध्या का आयोजन श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ किया गया। इस कार्यक्रम में पहाड़ी, हिंदी और सूफी भजनों की प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। पूरा वातावरण भक्ति गीतों और जयकारों से गूंज उठा।
कार्यक्रम का शुभारंभ राकेश और मुकेश की जोड़ी ने प्रसिद्ध भजन मैली चादर ओढ़ के कैसे द्वार तिहारे आऊं की प्रस्तुति से किया। उनकी भावपूर्ण प्रस्तुति ने शुरुआत से ही श्रद्धालुओं को भक्तिरस में सराबोर कर दिया। इसके बाद भजन गायिका वीणा कपिला ने दो कर जोड़ विनय करूं तोरी, न हारा दा न कुंडला दा, मिश्री से मीठे बोल हमारी राधारानी के और मुरली बजाके मोहन क्यों कर लिया किनारा जैसे भजनों की प्रस्तुति देकर खूब तालियां बटोरीं।
भजन गायक रामदयाल शर्मा ने मेरे सांवरे सलोने कन्हैया तेरा जलवा कहां पर नहीं है, हो मां हो शेरावाली मां मुझे तेरा सहारा है और मैया मेरा मन खो गया इन पहाड़ों में जैसे भजन प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। कुलानंद शर्मा ने गिरधारी लाला मन चाकर राखो जी और किशोरी जी तो मेरी है, मेरो है बरसाना जैसे भजनों की प्रस्तुति देकर कार्यक्रम में समां बांध दिया। भजन संध्या में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भक्ति संगीत का आनंद उठाया। संवाद