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Sirmour News: भगवान श्रीकृष्ण और जामवंत के बीच चला 28 दिनों तक घमासान युद्ध

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बेहड़ेवाला में श्रीमद् भागवत कथा पाठ का श्रवण करते भक्तगण। संवाद
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-जामवंत को आभास हुआ कि स्वयं भगवान श्रीकृष्ण हैं, तो माफी मांगी
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-ग्राम बेहड़ेवाला शिव मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा-सप्ताह ज्ञान कथा यज्ञ पाठ का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। बेहड़ेवाला शिव मंदिर परिसर में श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ का आयोजन चल रहा है। इसमें छठे दिन कथा व्यास भूदेव महाराज ने भगवान श्री कृष्ण-जामवंत युद्ध कथा व श्रीकृष्ण जामवंत कथा वृत्तांत सुनाया गया। अमरकोट पंचायत के ग्राम बेहड़ेवाला और आसपास गांव के भक्त सैकड़ों की संख्या में कथा श्रवण को पहुंच रहे हैं।

श्रीराम कृष्ण धर्म प्रचार मंडल वृंदावनधाम व हिंदू सनातन एकता और बेहड़ेवाला के स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से आयोजन किया जा रहा है। श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ के व्यवस्थापक मुनेश कृष्ण ने बताया कि प्रतिदिन कथा पाठ दोपहर एक बजे से शाम चार बजे तक आयोजित हो रहा है। वीरवार को कथा व्यास भूदेव महाराज ने कहा कि स्यमंतक मणि यदुवंशी सरदार सत्राजित को सूर्यदेव से वरदान के रूप में मिली थी।
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यह मणि प्रतिदिन आठ बार सोना पैदा करती थी। सत्राजित ने श्रीकृष्ण पर स्यमंतक मणि चुराने का आरोप लगाया था। सेनजित को शेर ने मार दिया और स्यमंतक मणि वहीं गिर गई थी, जिसके बाद सत्राजित ने श्रीकृष्ण पर चोरी का आरोप लगा दिया था।
श्री कृष्ण जामवंत के अनुरोध पर उसे श्री राम की छवि का दर्शन कराते हैं। जामवंत श्री कृष्ण के चरणों में गिर जाता है और वर स्वरूप उनसे अपनी पुत्री जामवंती का वरण करने का अनुरोध करता है। श्री कृष्ण जामवंती का वरण कर लेते हैं, जामवंत भेंट स्वरूप श्री कृष्ण को स्यमंतक मणि प्रदान करता है।
इस दौरान कथा व्यास ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण पर मणि चुराने का झूठा आरोप लगा था। इसका पता चलते ही अपने ऊपर लगे कलंक को मिटाने के लिए जामवंत से 28 दिनों तक घमासान युद्ध किया था। अंत में जामवंत थक गए व श्रीकृष्ण के रूप में प्रभु राम के दर्शन हुए। भगवान को पहचानने पर श्रीकृष्ण से माफी मांगी, अपनी पुत्री जामवंती का विवाह श्रीकृष्ण से करवाया। श्रीकृष्ण ने मणि सत्राजित को लौटी दी।
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कथा श्रवण को पहुंचे विनोद चौहान, सरिता, नीलम, वीना व सविता ने बताया कि ये कथा दर्शाती है कि कैसे भगवान ने अपनी प्रतिष्ठा की रक्षा करते हैं और अपने भक्तों को सही मार्ग दिखाते हैं।
संवाद

बेहड़ेवाला में श्रीमद् भागवत कथा पाठ का श्रवण करते भक्तगण। संवाद

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