-उत्तराखंड के हरिद्वार हरकी पौड़ी की तर्ज पर किया जाना है सुंदर घाट तैयार
नमामी गंगे परियोजना के तहत प्रथम चरण में 30 करोड़ बजट हो रहा खर्च
एनओसी संबंधित कुछ औपचारिकताएं पूरी होने पर ही फिर से शुरू होगा कार्य
सुरेश तोमर
पांवटा साहिब (सिरमौर)। अप्रैल 2023 में केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने पांवटा साहिब में यमुना नदी के नवीनीकरण एवं सौंदर्यीकरण की आधारशिला रखी थी। नमामी गंगे परियोजना में प्रथम चरण का नवीनीकरण-सौंदर्यीकरण को 30 करोड़ बजट का प्रावधान हुआ। हरिद्वार हरकी पौड़ी के तर्ज पर योजना तैयार की जानी है। पहले, करीब डेढ़ वर्ष तक कार्य शुरू ही नही हो सका। इसके बाद पिछले वर्ष कार्य शुरू हुआ। अब एनओसी संबंधित कुछ आब्जेक्शन आने पर फिर से इस महत्वपूर्ण योजना का कार्य बंद हो गया है।
बता दें कि 22 अप्रैल 2023 में केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने पांवटा साहिब में यमुना नदी के नवीनीकरण एवं सौंदर्यीकरण की आधारशिला रखी थी, जिसमें 65 करोड़ बजट प्रावधान की घोषणा की गई थी। इसकी डीपीआर तैयार होने के बाद विगत वर्ष प्रथम चरण में पांवटा साहिब यमुना नदी गोविंदघाट के सौंदर्यीकरण को भारत सरकार से 30 करोड़ की धनराशि स्वीकृत भी हुई है। इससे उत्तराखंड के हरिद्वार हरकी पौड़ी की तर्ज पर सुंदर घाट तैयार हो सकें।
परियोजना के तहत देश-विदेश से हर वर्ष पहुंचने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा को चेंजिंग रूम, बैठने के लिए बेंच, यमुनाघाट पर आरती के लिए स्टेज, पुजारी घाट से नदी तक सीढिय़ां बना कर बेहतर मार्ग, श्रीराधा-कृष्ण हनुमान मंदिर के समीप बने बैराज, वीयर योजना की दीवारों पर पेंट, स्वर्गधाम पर अलग से एक घाट, हरिद्वार और ऋषिकेश की तरह आरती घाट तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए चैन लगाने, यमुना पाथ को बेहतर व सौंदर्यीकरण तथा सुरक्षा दीवारों को प्रथम चरण योजना की प्राथमिकता पर रखा गया है।
इस योजना कार्य नमामि गंगे के तहत वाप्कोस लिमिटेड कंपनी के माध्यम से किया जा रहा है। करीब डेढ़ वर्ष तक काम शुरू होने में विभिन्न एनओसी की औपचारिकताओं के चलते अड़चने आती रहीं। वन संरक्षण अधिनियम, 1980 के तहत परियोजना का मामला अंतत: 20 मई 2025 को पांवटा साहिब में यमुना घाट और श्मशानघाट के विकास के लिए ऑनलाइन पोर्टल परिवेश 2.0 पर उपयोगकर्ता एजेंसी (वापकोस, नमामि गंगे) द्वारा प्रस्ताव भेजा गया।
तत्कालीन डीएफओ ऐश्वर्य राज ने इस एफसीए मामले की संस्तुति वन प्रभाग कार्यालय पांवटा साहिब से करवाई। 22 मई 2025 को मामले को भारत सरकार (क्षेत्रीय कार्यालय, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, चंडीगढ़) द्वारा आगे की आवश्यक कार्रवाई और अनुमोदन के लिए शिमला में सक्षम प्राधिकारी को भेजा। इसके उपरांत योजना को मंजूरी मिलने के बाद काम शुरु हो गया। अब प्रशासन से कुछ अन्य औपचारिकताओं को पूरा करने को कहा गया है। इसके चलते निर्माणाधीन इस परियोजना का काम रोक दिया गया है।
एसडीएम पांवटा साहिब द्विज गोयल ने बताया कि नमामी गंगे के तहत इस महत्वपूर्ण परियोजना का निर्माण कार्य हो रहा है। फिलहाल, अभी कार्य रुक गया है। एनओसी समेत कुछ औपचारिकताओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा। इससे यमुनाघाट के सौंदर्यीकरण योजना का कार्य फिर से शुरू हो सके।
संवाद
पांवटा साहिब यमुना घाट के सौन्दर्यकरण योजना का कार्य अधर में लटक गया है। संवाद