संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। फर्जी सरकारी नियुक्ति पत्र तैयार कर लोगों से ठगी करने के मामले में अदालत ने आरोपी विक्रम सिंह को जमानत दे दी है। न्यायिक मजिस्ट्रेट ने कहा कि आरोपी से फिलहाल कोई अन्य बरामदगी या पूछताछ शेष नहीं है तथा न्यायिक हिरासत की आवश्यकता नहीं बनती।
यह मामला वर्ष 2025 में राज्य सीआईडी की ओर से दर्ज एफआईआर से जुड़ा है। अभियोजन के अनुसार, तहसील नौहराधार निवासी आरोपी विक्रम सिंह पर फर्जी सरकारी नियुक्ति पत्र तैयार कर युवाओं को नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे धनराशि लेने के आरोप हैं। जांच एजेंसी ने अदालत में कहा कि आरोपी के सहयोगियों की भूमिका की जांच अभी जारी है। उसके बैंक खातों में लाखों रुपये का लेनदेन हुआ है और जमानत मिलने पर वह जांच को प्रभावित करने या गवाहों को प्रभावित करने का प्रयास कर सकता है।
बचाव पक्ष ने अदालत को बताया कि आरोपी से कोई बरामदगी शेष नहीं है और वह जांच में पूरा सहयोग करने को तैयार है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी को एक लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के एक जमानती पर रिहा करने का आदेश दिया। साथ ही आरोपी पर कोई नया अपराध नहीं करने, गवाहों को प्रभावित नहीं करने, जांच एवं न्यायालय की कार्यवाही में सहयोग करने, प्रत्येक सुनवाई पर उपस्थित रहने तथा न्यायालय की अनुमति के बिना उसके अधिकार क्षेत्र से बाहर नहीं जाने जैसी शर्तें भी लगाई गईं।