बिना शुल्क 21 दिन, विलंब शुल्क के साथ 30 दिन तक करवाएं पंजीकरण
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. मोनीषा अग्रवाल ने लोगों से जन्म और मृत्यु की घटना का पंजीकरण करते समय निर्धारित प्रपत्रों को सावधानीपूर्वक भरने की अपील की है। उन्होंने कहा कि छोटी सी लापरवाही भविष्य में बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है।
उन्होंने बताया कि जन्म और मृत्यु अधिनियम, 1969 के तहत किसी भी जन्म या मृत्यु की घटना का पंजीकरण 21 दिन के भीतर संबंधित पंचायत, नगर पालिका या नगर परिषद में करवाना अनिवार्य है। 21 दिन के बाद 30 दिन तक विलंब शुल्क के साथ पंजीकरण करवाया जा सकता है। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र बिना नाम के भी प्राप्त किया जा सकता है। बच्चे का नाम जन्म प्रमाण पत्र में एक वर्ष तक बिना किसी शुल्क के दर्ज करवाया जा सकता है। इसके लिए अभिभावकों से आवेदन पत्र भरवाया जाता है, जिसमें यह स्पष्ट उल्लेख होता है कि भविष्य में बच्चे या माता-पिता के नाम में कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि यदि जन्म प्रमाण पत्र में एक बार बच्चे का नाम दर्ज हो जाता है, तो बाद में उसकी दुरुस्ती या पूरा नाम बदलवाना बेहद कठिन हो जाता है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों में होने वाले प्रत्येक जन्म और मृत्यु का पंजीकरण 21 दिन के भीतर कर दिया जाता है, लेकिन कई बार मरीज की पर्ची पर लिखे गए नाम के आधार पर ही माता-पिता या मृतक का नाम प्रमाण पत्र में दर्ज हो जाता है।