गुरुद्वारा नाहन में शीश नवाकर अरदास करती साध संगत। संवाद
गुरु गोबिंद सिंह के साहिबजादों के बलिदान को पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग
गुरुद्वारा साहिब दशमेश कमेटी के अध्यक्ष सरदार अमृत सिंह शाह ने उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। गुरुद्वारा श्री दशमेश आस्थान साहिब नाहन में शहीदी समागम कार्यक्रम में अखंड पाठ का आयोजन किया गया। इस दौरान शबद-कीर्तन से गुरुद्वारा परिसर गूंज उठा। संगत गुरुवाणी में लीन होकर निहाल हुई। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने माथा टेककर गुरु साहिब का आशीर्वाद लिया और आध्यात्मिक शांति का अनुभव किया।
अखंड पाठ के समापन पर रागी जत्थों की ओर से शबद-कीर्तन ने संगत को भाव-विभोर कर दिया। गुरुवाणी के मधुर गायन से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बन गया। इसके पश्चात अरदास की गई और देश व समाज की सुख-समृद्धि की कामना की गई। इस अवसर पर गुरुद्वारा श्री दशमेश आस्थान साहिब नाहन प्रबंधन कमेटी के अध्यक्ष सरदार अमृत सिंह शाह ने गुरु गोबिंद सिंह के साहिबजादों के महान बलिदान को स्मरण किया। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि गुरु गोबिंद सिंह जी के चारों साहिबजादों के बलिदान से संबंधित अध्याय को विद्यालयों के पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए, ताकि बच्चों में देशभक्ति, त्याग और साहस जैसे संस्कार विकसित हो सकें।
अखंड पाठ के उपरांत गुरु का अटूट लंगर बरताया गया। बड़ी संख्या में संगत ने पंगत में बैठकर प्रसाद ग्रहण किया। सेवादारों ने पूरे समर्पण भाव से सेवा निभाई। कार्यक्रम में साहिबजादा सेवक जत्था के सदस्य, गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के पदाधिकारी, सेवादार और श्रद्धालु उपस्थित रहे।