राजगढ़ (सिरमौर)। उपमंडल राजगढ़ के विभिन्न इलाकों में ओलावृष्टि ने किसानों और बागवानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि से फसलों और फलदार पौधों को भारी नुकसान हुआ है। किसानों की नकदी फसलों के साथ-साथ फलदार पौधे और फल भी तबाह हो गए हैं। इससे किसानों और बागवानों के चेहरे की मुस्कान गायब हो गई है।
ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों और बागवानों ने सरकार व संबंधित विभागों से नुकसान का जायजा लेकर उचित मुआवजा देने की गुहार लगाई है। उपमंडल में भारी ओलावृष्टि से ग्राम पंचायत भुईरा और दीदग में ओलावृष्टि होने से किसानों की मटर और स्ट्राबेरी की फसल तबाह हो गई। जबकि बागवानों के आड़ू, सेब, खुमानी, पलम, बादाम और नाशपाती आदि को भी भारी नुकसान हुआ।
भुईरा पंचायत के पूर्व प्रधान जगत सिंह ठाकुर और इंद्रपाल ठाकुर ने बताया कि रविवार रात को हुई भारी ओलावृष्टि से भुईरा पंचायत के घनियाना, थाना, धार व दीदग पंचायत के दीदग गांव में फसलें तबाह हो गई। ओलावृष्टि इतनी अधिक थीं कि पौधों से फल ही नहीं झड़े, बल्कि पत्ते व टहनियों को भी नुकसान हुआ। पौधों के नीचे फलों और पतियों के ढेर लगे हैं। मटर की तैयार फसल व स्ट्राबेरी की फसलें भी नष्ट हो गई हैं। अपने खेतों और बागीचों में यह तबाही देखकर किसान व बागवान काफी मायूस हैं।
किसानों और बागवानों का कहना है कि पहले कोरोना के चलते उन्हें फूलों की तैयार खेती को उखाड़ना पड़ा क्योंकि उसके कोई खरीदार नहीं थे। अब ओलावृष्टि ने किसानों और बागवानों की कमर तोड़ दी है। लोगों ने सरकार से किसानों और बागवानों को आर्थिक सहायता देने की मांग की है। सोमवार को ग्रामीणों ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को इसकी सूचना दी और फील्ड स्टाफ ने मौके पर जाकर नुकसान का आंकलन किया है। उधर, तहसीलदार विवेक नेगी ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि नुकसान की रिपोर्ट आला अधिकारियों को भेजी जाएगी।