अदालत ने 8 लाख रुपये मुआवजा देने के भी दिए आदेश
साल 2012 का मामला, मुआवजे राशि अदा न करने पर दोषी को भुगतना होगा छह माह का अतिरिक्त कारावास
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। चेक बाउंस मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट ने तहसील पांवटा साहिब निवासी अनिल शर्मा को दोषी करार देते हुए दो वर्ष की कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही अदालत ने आरोपी को शिकायतकर्ता को 8 लाख रुपये मुआवजा अदा करने का आदेश भी दिया है।
मामले के अनुसार शिकायतकर्ता राजेश कुमार ने आरोपी को वर्ष 2012 और 2014 में अलग-अलग किश्तों में 4 लाख रुपये उधार दिए थे। उधार की रकम लौटाने के लिए आरोपी ने 30 अप्रैल 2014 को 4 लाख रुपये का चेक जारी किया। बैंक में प्रस्तुत करने पर अपर्याप्त धनराशि के कारण यह चेक दो बार अनादरित हो गया। इसके बाद शिकायतकर्ता की ओर से कानूनी नोटिस भेजा गया, लेकिन निर्धारित समयावधि में भी आरोपी ने भुगतान नहीं किया।
मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी ने चेक के दुरुपयोग का दावा किया, जिसे अदालत ने निराधार माना। न्यायालय ने कहा कि आरोपी अपने बचाव में कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका, जबकि शिकायतकर्ता की ओर से पेश दस्तावेज और गवाहों के बयान आरोपों की पुष्टि करते हैं।
न्यायिक मजिस्ट्रेट विशाल तिवारी ने निर्णय में कहा कि आरोपी ने विधिक देनदारी के निर्वहन के लिए चेक जारी किया था और चेक बाउंस होने के बाद भी भुगतान नहीं किया, जो कि एनआई एक्ट की धारा 138 के तहत दंडनीय अपराध है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि मुआवजे की राशि अदा नहीं की जाती है तो आरोपी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।