साल 2022 का मामला, घरेलू जरूरतों के लिए दोषी ने उधार लिए थे 3.50 लाख रुपये
न्यायिक मजिस्ट्रेट विकास कपूर ने सुनाया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। अदालत ने चेक बाउंस मामले में तहसील पांवटा साहिब निवासी राजेंद्र सिंह को दोषी ठहराते हुए एक साल के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही, पीड़ित पक्ष को 5 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश भी दिया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट विकास कपूर ने फैसला सुनाते हुए निर्देश दिए कि मुआवजा न देने की स्थिति में दोषी को दो माह अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
यह मामला साल 2022 को तहसील शिलाई क्षेत्र का है। शिकायतकर्ता अत्रो देवी ने अदालत को बताया कि राजेंद्र सिंह ने घरेलू जरूरतों के लिए 3.50 लाख रुपये उधार लिए थे। उसने निर्धारित समय में उधार राशि चुकाने का वचन दिया था। लेकिन आरोपी देनदारी का भुगतान करने में विफल रहा। उसने 10 अप्रैल 2022 को 3.50 लाख रुपये की राशि का एक पोस्ट-डेटेड चेक जारी किया। लेकिन बैंक में प्रस्तुत करने पर अपर्याप्त धनराशि के कारण बाउंस हो गया। कानूनी नोटिस देने के बावजूद आरोपी ने न तो रकम लौटाई और न ही कोई संतोषजनक जवाब दिया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने अदालत में शिकायत दर्ज करवाई। न्यायिक मजिस्ट्रेट ने फैसले में कहा कि आरोपी अपना पक्ष साबित करने में असफल रहा।