नाहन। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी विकास कपूर की अदालत ने छह लाख के चेक बाउंस मामले में आरोपी आत्मा राम को बरी कर दिया। शिकायतकर्ता चंबेल सिंह के अनुसार आरोपी ने सितंबर और दिसंबर 2024 में तीन-तीन लाख रुपये उधार लिए थे। इसके बदले आरोपी ने 3 मार्च 2025 का छह लाख रुपये का चेक दिया, जो अकाउंट ब्लॉक होने से बाउंस हो गया।
अदालत ने चेक पर आरोपी के हस्ताक्षर होने की पुष्टि के बावजूद शिकायतकर्ता की आर्थिक क्षमता पर सवाल उठाए। अदालत ने कहा कि छह लाख रुपये देने की क्षमता साबित करने के लिए आयकर रिटर्न, बैंक रिकॉर्ड या अन्य साक्ष्य पेश नहीं किए गए। लेन-देन संदिग्ध पाए जाने पर अदालत ने धारा 138 एनआई एक्ट के तहत आरोपी को बरी कर दिया। संवाद