छात्रों की समस्याओं और शिक्षा प्रणाली में सुधार को लेकर किया जाएगा प्रदर्शन
पत्रकार वार्ता में बोले एबीवीपी के प्रदेश सहमंत्री मनीष बिरसांटा
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) 6 फरवरी को प्रदेश भर में इकाई स्तर पर उग्र आंदोलन करेगी। यह आंदोलन छात्रों के अधिकारों और शिक्षा प्रणाली में सुधार की मांगों को लेकर होगा। वीरवार को नाहन में आयोजित पत्रकार वार्ता में यह बात एबीवीपी के प्रदेश सहमंत्री मनीष बिरसांटा ने कही।
उन्होंने कहा कि एबीवीपी की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक 24 और 25 जनवरी को नालागढ़ में आयोजित की गई। इसमें प्रदेश संगठन मंत्री, क्षेत्रीय संगठन मंत्री, राष्ट्रीय मंत्री सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक में प्रदेश के शैक्षणिक और छात्रहितों से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई और आंदोलनों की रूपरेखा तय की गई।
बिरसांटा ने कहा कि सरकार की निष्क्रियता और शिक्षा व्यवस्था की अनदेखी के चलते छात्रों को लगातार समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। प्रदेश में शिक्षण संस्थानों को बार-बार बंद किया जा रहा है। इससे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। विश्वविद्यालयों में प्रशासनिक स्तर पर अनियमितताएं बढ़ रही हैं। सरकार इन महत्वपूर्ण मुद्दों पर कोई ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को संगठन की मांगों को गंभीरता से लेना होगा, अन्यथा विद्यार्थी परिषद अपने आंदोलन को और अधिक उग्र करने के लिए मजबूर होगी।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में इस आंदोलन को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। संगठन ने सभी छात्रों से आह्वान किया है कि वे इस आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लें और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट हों। विद्यार्थी परिषद का यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार छात्रों की समस्याओं का समाधान नहीं करती। यदि छात्रों की मांगों को जल्द से जल्द पूरा नही किया गया तो आने वाले समय में विद्यार्थी परिषद विधानसभा घेराव जैसे उग्र आंदोलन करने से पीछे भी नहीं हटेगी।