पांवटा साहिब (सिरमौर)। देहरादून-पांवटा नाहन मार्ग पर स्थित मालवा काटन इकाई के सैकड़ों कामगारों ने धरना प्रदर्शन किया। एनएच-72 के साथ लगते इकाई गेट के बाहर जमकर नारेबाजी की गई। प्रदर्शन के दौरान आंशिक रूप से मार्ग भी बंद रहा। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंच कर मजदूरोें को हटाकर वाहनों का आवागमन सुचारु करवाया गया। इकाई के कामगारों जवाहर सिंह, नरेंद्र नाथ तिवारी, जोगेंद्र सिंह, अशोक कुमार, शशिकांत, नेहा, सपना, मंजू, राम कुमार, ज्योति, मंजू,, स्नेहा, रामकुमार समेत मजदूरों का कहना है कि धीरे-धीरे मजदूरों की छंटनी कर बाहर निकाला जा रहा है। सैकड़ों मजदूरों को दो माह से तनख्वाह नहीं मिली है। करीब 5 वर्ष की सर्विस ग्रेच्यूटी और चार वर्ष का बोनस नहीं मिला है।
मानदेय नहीं मिलने पर बाहरी एवं स्थानीय क्षेत्र के मजदूरों को परेशानी हो रही है। परिवार का भरण पोषण कठिन होता जा रहा है। मजदूर बताते हैं कि इकाई को यदि, दूसरी बड़ी इकाई को बेचा जाता है तो मजदूरों को वर्षों का लंबित बोनस एवं ग्रेच्यूटी राशि लेने में और भी दिक्कतें होंगी।इकाई में पहले करीब 12 सौ मजदूर थे। धीरे-धीरे कई मजदूरों को इकाई से हटाया जा रहा है। अब करीब 500 मजदूर रह गए हैं। इसलिए, शनिवार को सुबह 8 बजे से करीब 300 से अधिक कामगार गेट के बाहर एकत्र हो गए। मौके पर एसडीएम पांवटा श्रवण मांटा, जिला श्रम अधिकारी जितेंद्र बिंद्रा पहुंचे। हड़ताल पर एकत्र सैकड़ों मजदूरों की बात सुनी गई।
उधर, औद्योगिक इकाई के निदेशक के आजाद ने कहा कि दो वर्ष से इकाई मंदी के दौर में चल रही है। लंबित मानदेय राशि मजदूरों को शीघ्र प्रदान की जाएगी। मजबूरन कामगारों की छंटनी शीघ्र होगी, लेकिन जिन मजदूरों को हटाया जाएगा उनका पूरा हिसाब कर दिया जाएगा।
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मजदूरों को मिलेगा लंबित मानदेय : श्रम अधिकारी
जिला श्रम अधिकारी जितेंद्र बिंद्रा ने कहा कि इकाई प्रबंधन एवं कामगारों का पक्ष सुना गया। इसके बाद दोनों पक्षों में आपसी समझौता बैठक हुई। मजदूरों को जुलाई माह का लंबित मानदेय दिवाली से पहले तथा अगस्त माह का 10 नवंबर तक देने का आश्वासन दिया है।