राजपुर (सिरमौर)। उपमंडल पांवटा-दून में सोमवार रात बारिश एवं तेज हवाओं से गन्ना किसानाें की तैयार फसल खेतों में बिछ गई। गन्ना सहित अन्य फसलों को भी तेज आंधी ने खासा नुकसान पहुंचाया है जिससे किसानों की सालभर की मेहनत पर पानी फिर गया है।
किसानों का कहना है कि क्षेत्र के करीब दो सौ बीघा में तूफान का असर पड़ा जिससे करीब दो करोड़ का गन्ना बर्बाद हुआ है और सात सौ परिवारों को इससे नुकसान झेलना पड़ा है।
राजबन के काश्तकार जगीरी राम, पृथ्वी सिंह, उदयराम शर्मा, सीताराम, दर्शन चौधरी, गुलाब सिंह, गुरविंद्र सिंह, अच्छर सिंह, सुरजीत सिंह, गीताराम आदि ने बताया कि सुबह खेतों में गन्ने की बिछी फसल को देखकर काश्तकार की आंखें भर आई। उन्होंने कहा कि गन्ने की कटाई शुरू करनी थी कि एक रात में ही पूरी तरह फसल गिर गई है। इससे पांवटा के किसानों को रोजी-रोटी की चिंताएं भी सताने लगी हैं।
किसान धनीराम एवं हरभजन सिंह ने बताया कि गन्ने की उगाई करने के लिए काश्तकारों ने खेतों की बहाई, निराई, बिजाई, खाद, दवाइयां, सिंचाई आदि मेहनत कर हजारों रुपये खर्च कर खेती की थी। इस बार गन्ने की पैदावार भी काफी अच्छी थी लेकिन बीते रात को तेज हवाओं के झोंके से पूरी फसल खेतों में बर्बाद हो गई है। किसानों ने सरकार से गन्ने की फसल का मुआवजा देने की मांग की।