नाहन (सिरमौर)। उम्र भर राज्य तथा जिला के विभिन्न हिस्सों में शिक्षा विभाग को अपनी सेवाएं दे चुके सेवानिवृत्त शिक्षकों ने सरकार तथा विभाग से गुहार लगाई है कि इनकम टैक्स अदा करने की कार्य प्रणाली को सुगम बनाया जाए ताकि उम्र के इस पड़ाव पर पहुंच चुके शिक्षकाें को भागम भाग से बचना पड़े। रविवार को राजकीय सेवानिवृत्त अध्यापक संघ की जिला स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में सेवा कार्य काल पूरा कर जीवन यापन कर रहे अध्यापकाें की समस्याओं के बारे चर्चा की गई।
इससे पूर्व बैठक की अध्यक्षता करते हुए संघ के प्रधान योगराज गुप्ता ने संघ के सदस्यों को संबोधित करते हुए बताया कि पैन कार्ड जमा करने के लिए बुजुर्ग शिक्षकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। संघ ने इनकम टैक्स विभाग से अपील करते हुए कहा कि टैक्स जमा कराने की प्रक्रिया को सरल बनाया जाना चाहिए।
संघ ने चर्चा के दौरान जोर देकर कहा कि लंबित 5, 10 तथा 15 फीसदी मेडिकल भत्तों में बढ़ोतरी 65 से 75 वर्ष तक के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को यथा शीघ्र जारी की जाए ताकि सेवानिवृत्त शिक्षकों को इस महंगाई के जमाने में कुछ आर्थिक सहायता मिल सके। इसके अलावा शिक्षकों का 5 फीसदी मेडिकल भत्ता 10 फीसदी तक बढ़ाया जाए। साथ ही यह राशि उनके बेसिक में मर्ज की जाए।
बुजुर्ग शिक्षकाें ने बैठक के दौरान जोर देकर कहा कि बुढ़ापे में बीमारियों की अधिकता को देखते हुए सभी सेवानिवृत्त शिक्षकों को मेडिकल भत्ता 500 रुपये प्रतिमाह किया जाए।
इससे पूर्व बैठक में संघ के महासचिव दलीप सिंह वर्मा, सहसचिव ओमलता कालरा, नीना कौशिक, गुरुदेव धीमान, जीआर अत्री, देवी सहाय शास्त्री, इकबाल शेख तथा सोमचंद सहित भारी संख्या में सेवानिवृत्त अध्यापक मौजूद थे।