राजगढ़ (सिरमौर)। जिला स्तरीय शिरगुल देवता बैसाखी मेले की प्रथम सांस्कृतिक संध्या पहाड़ी कलाकारों के नाम रही। चूडे़श्वर सांस्कृतिक मंडल के कलाकारों व किशन वर्मा की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को बांधे रखा। इस संध्या के मुख्यातिथि एडीएम सिरमौर मनमोहन शर्मा थे। उन्हें मेला समिति ने स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। सांस्कृतिक संध्या का आगाज पहली बार आयोजित आतिशबाजी से किया।
इसके पश्चात साधना विद्या मंदिर के कलाकारों द्वारा सरस्वती वंदना पेश की गई। सूरतराम ने ‘कुब्जा ढिलीओ बीखे’ व ‘मुखड़ा क्या देखे दर्पण में’ नाटियों को पेश किया। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के कलाकारों ने ‘आधी सी रात मेरी नींद उड़ गई’ हरियाणवी गीत पर अच्छा नृत्य किया।
रामेश्वर शर्मा ने ‘ऊंची ओ धारो रा नजारा शावणा’, ‘तेरा मेरा प्यार अड़िए बोच पोनों रा’ व ‘लाला बहिओं में लिखते रहना’ नाटियां प्रस्तुत की। इसके बाद चूडे़श्वर सांस्कृतिक मंडल के कलाकारों ने पहले दीपक, परात व रासा पेश करके लोगों को मंत्रमुग्ध किया। इसमें ‘किले जाणी कदोयणों बोलों पाणी रे दीवे रे नारणा पूजा कोरणी बिजटो री’, ‘गिरियो रो पाणी’ आदि नाटियों पर अच्छा नृत्य किया। एक अंतराल के बाद इन कलाकारों ने सिंहटू नृत्य पेश किया जिसे सभी ओर विशेषकर बच्चों ने खूब पसंद किया।
इसके बाद हास्य कलाकार संदीप सैंडी ने दर्शकों को मिमिकरी व चुटकुलों से खूब हंसाया। कृतिका तनवर ने ‘दमादम मस्त कलंदर’, ‘झूम बाबा’, ‘होले लालिए हो’, ‘ईक आदिया मंगाई जा रे’ व ‘रंग बरसे भीगे चुनरवाली’ गीत पेश किए।
विजय छावड़ा ने अपनी दमदार आवाज से बेहतरीन ढंग से मंच संचालन किया। इस मौके पर एसडीएम पंकज शर्मा, तहसीलदार राजकुमार ठाकुर, डीएसपी भूपेंद्र बरागटा, थाना प्रभारी अंकुश डोगरा, कांग्रेसी नेता संजीव शर्मा, विजय लक्ष्मी ठाकुर, दिनेश आर्य, दीपक धीर आदि भी उपस्थित थे।