अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)।
सैनधार इलाके के पनार में एक प्रवाह पेयजल योजना की पाइप लाइन में पानी के साथ सांप निकलने की घटना से सनसनी फैल गई है। घटना के बाद ग्रामीणों के होश उड़ गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि आईपीएच विभाग लोगों को विषैला पानी पिला रहा है। ग्रामीण अजय अंबोर ने बताया कि पिछले काफी दिन से घर में पानी नहीं आ रहा था। नलके से पानी जरूर टपकता था लेकिन पानी का प्रेशर न बनने से उन्हें पेयजल संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।
नलके से पानी टपकता देख शनिवार को जब नलके को खोला गया तो उसमें डेढ़ फुट लंबा मरा सांप निकला। इसको देखने के बाद सभी ग्रामीणों के होश उड़ गए हैं। अब ग्रामीण पानी पीने से भी कतरा रहे हैं। आईपीएच विभाग की ऐसी कार्यशैली से ग्रामीणों में खासा रोष है।
शनिवार को हुई इस घटना के बाद ग्रामीणों को पेयजल लाइनों से पानी लेने में भी डर सता रहा है। उन्होंने बताया कि पाइप में सांप मिलने की शिकायत के बाद आईपीएच विभाग के कर्मचारी भी मौके पर पहुंचे। कर्मियों ने पानी के मैन सोर्स पर पहुंचकर आनन फानन में झाड़ियों को काटा। साथ ही मैन स्टोरेज टैंक में फिल्टर की भी जांच की।
उन्होंने आरोप लगाया कि मैन सोर्स पर भी पानी के रखरखाव की तरफ विभाग ध्यान नहीं दे रहा है। यह भी सुनिश्चित नहीं है कि भंडारण टैंक में फिल्टर लगे भी हैं कि नहीं। उन्होंने पेयजल योजना की उच्चाधिकारियों से जांच की मांग की है।
उधर, आईपीएच के जमटा उपमंडल के सहायक अभियंता जोगिंद्र सिंह ने पाइप में सांप निकलने की घटना से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि आधा इंच की पाइप लाइन में सांप निकलना संभव ही नहीं है। फिर भी ग्रामीणों की शिकायत पर उन्होंने जेई को मौके पर भेजा।
कनिष्ठ अभियंता ने जांच के दौरान पाया कि भंडारण टैंक में फिल्टर लगे हैं। ग्रामीणों को पानी वितरण करने वाली लाइन में कई जगह एल्बो लगी हैं तो कई जगह पाइप लाइन भी मोड़ी गई हैं। ऐसे में डेढ़ फीट लंबे सांप का पेयजल लाइन के भीतर घुसने का सवाल ही पैदा नहीं होता।