ददाहू (सिरमौर)।
डिग्री कॉलेज ददाहू आज भी वीरान पड़ा है। दो माह बीत जाने के बाद भी एक भी छात्र ने दाखिला नहीं लिया है। जबकि, यहां आर्ट्स और बीकॉम श्रेणी के सभी विषयों को रखा गया है। उसके बावजूद छात्रों ने दाखिला नहीं लिया।
यहां तक कि प्रतिनियुक्ति पर भेजे प्रवक्ता और तैनात स्टाफ ने भी यहां से मुंह मोड़ लिया है। केवल एक लिपिक और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ही यहां सेवा दे रहा है। दिलचस्प बात यह है कि ददाहू का नया डिग्री कॉलेज मात्र राजनीतिक हथकंडा बनकर रह गया है। कॉलेज का शिलान्यास 19 सितंबर को मुख्यमंत्री ने ऑललाइन किया था। इसके कुछ रोज बाद प्रदेश में चुनाव आचार संहिता लग गई है।
सुनसान पड़ा कॉलेज भवन आज भी छात्रों के प्रवेश की राह ताक रहा है। कॉलेज प्रशासन ने कॉलेज में प्रवक्ताओं व छात्रों आदि के बैठने के लिए 11 लाख रुपये बजट और फर्नीचर की सिफारिश तो कर दी लेकिन कॉलेज को संचालित करने की तरफ ध्यान तक नहीं दिया। यहां तक कि कॉलेज के बोर्ड को भी उखाड़ कर रख दिया है। ददाहू कॉलेज में प्रतिनियुक्ति पर भेजे स्टाफ ने भी अब यहां आना बंद कर दिया है। जबकि अधीक्षक ने अभी तक अपना पदभार तक ग्रहण नहीं किया है। इस वजह से कॉलेज संबंधित अन्य जरूरी प्रक्रियाओं को आगे नहीं बढ़ाया जा सका है।
डिग्री कॉलेज ददाहू के कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. दिनेश भारद्वाज ने बताया कि माइग्रेट छात्र-छात्राओं को ही ददाहू कॉलेज में प्रवेश दिया जाना है। लेकिन जो बच्चे ददाहू कॉलेज में माइग्रेट होने को तैयार हैं उनके विषय यहां मेल नहीं खा रहे हैं। नये सिरे से दाखिला प्रक्रिया अगले वर्ष मई में शुरू की जाएगी। उसके बाद ही यह कॉलेज सुचारू रूप से चल पाएगा।