नाहन खंड में लंपी त्वचा रोग की चपेट में आया मवेशी। संवाद
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नाहन (सिरमौर)। मवेशियों में फैल रहा लंपी त्वचा रोग को सरकार ने महामारी घोषित कर दिया है। जिला सिरमौर में ये रोग तेजी से फैल रहा है। अब तक जिले में 47 मवेशियों की मौत हो चुकी है। रोग की चपेट में आए मवेशियों का आंकड़ा 900 से ऊपर पहुंच गया है। पशुपालन विभाग ने पशुओं को वैक्सीन लगाकर काफी हद तक बीमारी को नियंत्रित भी किया है। अभी जिले में 400 मवेशी स्वस्थ हुए हैं जबकि संक्रमित मवेशियों का आंकड़ा 550 से ऊपर है।
पशुओं में तेजी से बढ़ती बीमारी की रोकथाम को लेकर सरकार ने बाहरी राज्यों से मवेशियों के परिवहन पर रोक लगाई है। संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए पशुपालन विभाग ने उन क्षेत्रों में आधा दर्जन एपिसेंटर बनाए हैं, जिन क्षेत्रों में संक्रमण के ज्यादा मामले मिले हैं। इन एपिसेंटर के पांच किलोमीटर के दायरे में मवेशियों का टीकाकरण किया जा रहा है।
इसके साथ-साथ चिह्नित क्षेत्रों में मवेशियों की स्थानीय आवाजाही पर भी रोक लगाई गई है ताकि संक्रमित मवेशी से वायरस का खतरा स्वस्थ पशुओं तक न पहुंचे। संक्रमित पाए जाने वाले मवेशी को दूसरे मवेशियों से अलग रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही उपचार करने वाले व्यक्ति भी स्वस्थ मवेशियों से दूर रहेंगे, जिससे संक्रमण न फैले।
बता दें कि सिरमौर इलाका हरियाणा से सटा हैं। माना जा रहा है कि पंजाब और हरियाणा राज्यों से ये रोग मवेशियों के साथ हिमाचल में पहुंचा। इन क्षेत्रों से पशुओं की खरीद फरोख्त और परिवहन ज्यादा रहता है। इसको लेकर बाहरी राज्यों से मवेशियों के परिवहन पर रोक लगाई गई है। सरकार ने अधिसूचना की प्रति सभी उपायुक्तों को भी भेजी है।
पशुपालन विभाग की उपनिदेशक डॉ. नीरू शबनम ने बताया कि सिरमौर में 900 से अधिक मवेशी चपेट में आए हैं। अभी साढ़े पांच सौ मवेशी संक्रमित हैं। विभाग की टीमें फील्ड में है। उन्होंने माना कि सरकार ने इस रोग को महामारी घोषित कर दिया है। महामारी के नियंत्रण को लेकर कुछ ठोस कदम उठाए जाने आवश्यक हैं।
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अब तक नहीं मिली वैक्सीन
पशुओं में फैल रही महामारी के बीच पशुपालन विभाग ने सरकार को 20,000 टीके उपलब्ध कराने की मांग भेजी है लेकिन अभी तक टीके नहीं मिले हैं। संबंधित विभाग बाजार से अपने स्तर पर वैक्सीन खरीदकर पशुओं को टीके लगा रहा है। अब तक 12,000 के करीब डोज लगाई जा चुकी है। सरकार से टीके उपलब्ध हों तो इस कार्य में तेजी लाई जा सकती है। विभाग भी वैक्सीन की इंतजार में है।