सिरमौर में बेपटरी हुई जिंदगी, 90 सड़कें बंद और बिजली-पानी का बना संकट
जिलेभर में मूसलाधार बारिश से 481 ट्रांसफार्मर समेत इंटरनेट सेवाएं भी प्रभावित
जिले में जनजीवन अस्तव्यस्त होने से लोग झेल रहे भारी परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। जनपद सिरमौर में मूसलाधार बारिश के बीच लोगों की जिंदगी बेपटरी हो गई है। कहीं पानी का संकट पैदा हो गया तो कहीं बिजली के बिना लोगों की परेशानी बढ़ गई है। इस बीच मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं बाधित होने से लोग शेष दुनिया से कट गए हैं।
मंगलवार को पूरा दिन बीएसएनएल की मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं बाधित रहने से लोगों का एक-दूसरे से संपर्क नहीं हो सका। दूसरी ओर मंगलवार को जिलेभर में 90 सड़कें बंद रहीं।
सड़कों पर जगह-जगह भारी भूस्खलन के चलते यात्री सड़कों पर फंसे रहे। हालांकि, लोक निर्माण विभाग की मशीनरी सड़कों को खोलने में जुटी है, लेकिन कई सड़कों पर बार-बार भूस्खलन होने से विभाग के लिए भी सड़कों का बहाल करना चुनौतीपूर्ण हो गया है।
नाहन-कुमारहट्टी सड़क कई घंटों बंद रही। वहीं, पांवटा-शिलाई नेशनल हाईवे भी जगह-जगह बंद होने से शिलाई, रोनहाट और जिला शिमला के सैकड़ों गांव का संपर्क जिला मुख्यालय नाहन और पांवटा साहिब से टूट चुका है।
जिले में मंगलवार को 481 ट्रांसफार्मर बंद रहे। इस वजह से राजगढ़, शिलाई, नाहन, संगड़ाह आदि क्षेत्रों की कई पंचायतों में बिजली व्यवस्था ठप पड़ी है। जिला मुख्यालय नाहन में भी दिनभर बिजली की आंख मिचौनी लगी रही। बिजली व्यवस्था सुचारू करने के लिए कर्मचारी युद्ध स्तर पर कार्य में जुटे हुए हैं। इसके अलावा सड़कों को खोलने का कार्य भी जारी है। वहीं, भारी भूस्खलन से कई गांवों में पानी का संकट भी पैदा हो गया है।
नाहन के जड़जा में शमशेर जंग ठाकुर के तीन मंजिला मकान पर भारी भरकम मलबा और चट्टान गिर गई। इससे कई जगह दरारें आ गई हैं। इसको लेकर शमशेर जंग ने उपायुक्त सिरमौर के साथ-साथ हिमुडा के सीईओ को पत्र लिखा है। उन्होंने बताया कि अभी मकान में शिफ्ट भी नहीं किया है कि उन्हें भारी नुकसान हो गया है।
...
नाहन डिपो के 50 रूट बंद, निगम की 18 बसें फंसी
नाहन। मूसलाधार बारिश से यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित है। हिमाचल पथ परिवहन निगम के नाहन डिपो की 50 रूट बंद पड़े हैं। इनमें जिले के विभिन्न क्षेत्रों में निगम की 18 बसें फंसी हुईं हैं। भारी बरसात के चलते अब तक नाहन डिपो को 15 लाख के करीब नुकसान हो चुका है। निगम रोजाना ढाई से 3 लाख रुपये का नुकसान झेल रहा है। ये बसें जिले के रोनहाट, लोधिया, थनगा, भवाई-बलीच, द्राबिल, शिलाई, कुफ्टू आदि क्षेत्रों में फंसी हैं। संवाद
नाहन के जडज़ा में भूस्खलन से तीन मंजिला मकान पर गिरा मलबा व भारी भरकम चट्टान। संवाद