फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

85 लाख गड़बड़झाले में डिफाल्टरों को किया थाना तलब

Wed, 02 Mar 2016 07:04 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, सिरमाौर
विज्ञापन
विज्ञापन
 बीते दिनों पीएनबी बैंक की पराड़ा शाखा से 84.84 लाख के ऋण लेकर वापस अदा न करने के मामले में रेणुका पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने इस मामले में सम्मिलित सभी डिफाल्टर उपभोक्ताओं का रिकार्ड तलब कर कार्रवाई को अंजाम दिया है।
विज्ञापन


 मामले में कुल 48 लोग शामिल हैं। इनमें से अधिकतर डिफाल्टर आरोपियों को पुलिस ने थाने बुलाकर उनसे पूछताछ शुरू कर दी है। शीघ्र ही इस मामले में कोई बड़ा सुराग हाथ लगने की उम्मीद है।
उल्लेखनीय है कि बीती 22 जनवरी को पीएनबी की पराड़ा शाखा के प्रबंधक सुभाष लोहट ने रेणुका थाने में 48 बैंक डिफाल्टरों के खिलाफ धारा 420 के तहत ऋण वापस न करने का मामला दर्ज करवाया था जिसमें बैंक के 84.84 लाख की हेराफेरी को भी दर्शाया गया था।
विज्ञापन



मामले पर संज्ञान लेते हुए रेणुका पुलिस ने बैंक प्रबंधक की शिकायत पर सभी 48 डिफाल्टरों का रिकार्ड बैंक से तलब कर जांच शुरू कर दी थी। इसमें कुछेक डिफाल्टरों से पुलिस ने थाने बुलाकर उनसे पूछताछ की लेकिन इस मामले में मुख्य आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर है जिनकी पुलिस तलाश में जुटी हुई है। सर्वाधिक राशि भी इन्हीं डिफाल्टरों ने डकार रखी है। बुधवार को करीब डेढ़ दर्जन डिफाल्टर थाने में तलब हुए और उन्होंने पुलिस के समक्ष अपना पक्ष रखा। कुछ लोगों ने लोन वापस करने में असमर्थता जाहिर की।


उधर रेणुका थाना प्रभारी देवानंद गुलेरिया ने जांच की पुष्टि करते हुए बताया कि बैंक डिफाल्टरों का पता लगाकर उनसे पूछताछ की जा रही है। सभी को थाने में तलब किया गया है लेकिन कुछेक डिफाल्टर व इस मामले में मुख्य आरोपियों का पता लगाया जाना अभी शेष है जिनकी पुलिस को तलाश है।
बाक्स....
यह था मामला
- अगस्त 2015 में पराड़ा पीएनबी बैंक में गड़बड़झाले की पहली शिकायत तब सामने आई थी जब नाहन के एक मीडिया कर्मी युवा के नाम पर राजगढ़ के एक व्यक्ति ने 2 लाख का लोन ले लिया था। लोन लेने वाले ने बैंक में जमा किए गए दस्तावेजों में नाहन के युवा की फोटो चस्पा कर दी थी। इतना ही नहीं युवा के फोटो पहचान पत्र में टेंपरिंग कर उसकी फोटो अपने पहचान पत्र में लगा दी गई। नए बैंक मैनेजर ने डिफाल्टरों को जब एक-एक कर काल किया तो एक फोन नाहन के पत्रकार को भी आया। जब बैंक ने उससे 5 लाख की देनदारी देने की बात कही तो उसके होश फाख्ता हो गए। पत्रकार ने किसी भी प्रकार के लोन लेने से इंकार किया तो बैंक प्रबंधक को फर्जीवाड़े की भनक लग गई। इसके बाद जब बैंक के दस्तावेजों को खंगाला गया तो उसमें चार दर्जन डिफाल्टरों पर 84.84 लाख ऋण का बकाया निकला।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें