ददाहू (सिरमौर)। सात साल के लंबे इंतजार के बाद गिरि पेयजल योजना का पानी नाहन पहुंच गया है। आईपीएच विभाग ने प्रथम चरण की टेस्टिंग का भी कार्य पूरा कर लिया है। योजना की तमाम पाइपें धारटीधार क्षेत्र से होकर नाहन पहुंची हैं। हैरानी की बात यह है कि धारटीधार क्षेत्र के लोगों के हलक अभी भी सूखे हैं। जबकि, नाहन पानी पहुंचने से पहले धारटीधार क्षेत्र की आठ पंचायतों को पानी दिया जाना प्रस्तावित था। हालांकि, विभाग ने धारटीधार क्षेत्र के लोगों के लिए अलग से पेयजल योजना का कार्य भी शुरू कर रखा है लेकिन, देवका पुडला पेयजल योजना को पूरा करने की बजाय विभाग ने नाहन की पेयजल योजना पर अधिक ध्यान केंद्रित किया। इससे धारटीधार क्षेत्र के लोगों को पेयजल योजना का लाभ अभी तक नहीं मिल पाया। रेणुका विस क्षेत्र से जुड़ी धारटीधार क्षेत्र की आठ पंचायतों को आज भी सूखी धारटी के नाम से जाना जाता है। यहां के अधिकतर लोग खेतीबाड़ी करने की बजाय मेहनत मजदूरी कर अपना गुजर-बसर कर रहे हैं। सिंचाई योजना तो दूर, उनके लिए पीने का पानी भी पर्याप्त नहीं है। उल्लेखनीय है कि ददाहू गिरि नदी से नाहन उठाऊ पेयजल योजना के तहत धारटीधार क्षेत्र की आठ पंचायतों के लिए गिरि नदी से देवका पुडला पेयजल योजना का काम भी शुरू किया गया था। इस पर करीब 18 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जानी थी। इससे आठ पंचायतों के करीब साढ़े सात हजार लोगों को लाभ मिलना था। यह योजना अभी तक सिरे नहीं चढ़ पाई है। इस योजना को पूरा होने में एक वर्ष का समय और लग सकता है।
उधर, विभाग के अधिशासी अभियंता मनदीप गुप्ता ने बताया कि धारटीधार क्षेत्र के लिए देवका पुडला नाम से एक अलग योजना तैयार की जा रही है। धारटीधार की जनता के लिए छह और चार इंच की दो पाइप लाइनों को बिछाया जा रहा है। एक पाइप को बिछाया लिया गया है। शेष कार्य अभी प्रगति पर है।
दबाव में आकर की धारटीधार की अनदेखी : विनय
रेणुका के विधायक और पूर्व सीपीएस विनय कुमार ने कहा कि पेयजल योजना के निर्माण में धारटीधार क्षेत्र की जनता से छलावा किया गया है। कांग्रेस की पूर्व सरकार ने वायदा किया था कि जिन पंचायतों से होकर नाहन के लिए पाइप लाइन जाएगी, उन पंचायतों को पहले पानी मुहैया करवाया जाएगा। लेकिन, विभाग ने राजनीतिक दबाव के चलते नाहन को पहले पानी देने को प्राथमिकता दी। जबकि पानी मिलने का पहला हक धारटीधार क्षेत्र की जनता का था।