नाहन (सिरमौर)। लोकसभा चुनाव की तिथि घोषित होते ही काउंटडाउन शुरू हो गया है। 19 मई को होने वाले मतदान के लिए जिला प्रशासन के अलावा पुलिस महकमा भी अलर्ट है। सीमाएं सील करने के साथ ही अति संवेदनशील और संवेदनशील पोलिंग बूथों पर अभी से सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ की जा रही है। इसके तहत सिरमौर में भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) की एक सेक्शन ने मोर्चा संभाल लिया है। आईटीबीपी के जवानों को अति संवेदनशील बूथों के साथ सिरमौर से सटी पड़ोसी राज्यों की सीमाओं में भी नजर रखने को कहा गया है। यह टीम सिरमौर में विभिन्न संवेदनशील और अति संवेदनशील बूथों, सीमाओं में नियमित रूप से पेट्रोलिंग करेगी।
गौरतलब है कि सिरमौर जिले के कुल 560 पोलिंग बूथों में मतदान होना है। मतदान के लिए कुल 2240 कर्मचारियों की तैनाती की जानी है। जिले में 105 पोलिंग बूथ संवेदनशील है, जबकि 47 बूथ अति संवेदनशील है। इसके अलावा पांवटा साहिब और कालाअंब औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण यहां बाहरी राज्यों के कामगार भारी संख्या में कार्यरत है। ऐसे में आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों के आने की आशंकाओं से भी इंकार नहीं किया जा सकता। लिहाजा, मतदान से करीब दो माह पूर्व ही सिरमौर में निगाहबानी के लिए आईटीबीपी की एक सेक्शन को बुलाया गया है। पुलिस अधीक्षक अजय कृष्ण शर्मा ने बताया कि आईटीबीपी की पूरी सेक्शन शुक्रवार शाम को ही यहां पहुंच गई थी। टीम ने शनिवार से अपना काम शुरू कर दिया है। आठ सदस्यों वाली यह सेक्शन जिले के संवेदनशील और अति संवेदनशील इलाकों में पेट्रोलिंग करेगी। शनिवार को टीम ने सुरला बूथ में जाकर मोर्चा संभाला। सुरला के अलावा टीम ने कुछ और इलाकों में भी पेट्रोलिंग की है।
3,59,758 वोटर करेंगे मतदान का प्रयोग
सिरमौर जिले में 3,59,758 वोटर अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें 1,88,680 पुरुष और 1,17, 077 महिला मतदाता वोट डालेंगी। इस बार अभी तक लगभग 13 हजार नए मतदाताओं का पंजीकरण हुआ है, जबकि पंजीकरण की प्रक्रिया जारी है। इसके लिए जिला प्रशासन ने विशेष अभियान चलाया हुआ है, ताकि मतदान प्रतिशतता को बढ़ाने के साथ ही नए मतदाताओं का पंजीकरण प्रतिशत भी बढ़ाया जा सके।
पांवटा में सबसे अधिक अतिसंवेदनशील बूथ
सिरमौर जिले में कुल 47 अति संवेदनशील बूथ हैं। इनमें से पांवटा साहिब में सर्वाधिक 20 पोलिंग बूथ अतिसंवेदनशील की श्रेणी में रखे गए हैं। जबकि, नाहन में 19, श्री रेणुका जी में तीन, शिलाई में पांच अति संवेदनशील बूथ हैं। शिलाई में एक भी अतिसंवेदनशील बूथ नहीं है। इसके अलावा कुल 108 संवेदनशील बूथ भी बनाए गए हैं।