अमर उजाला ब्यूरो
शिलाई (सिरमौर)।
ग्राम पंचायत शिलाई में आईपीएच कर्मचारियों की मनमानी लोगों पर भारी पड़ रही है। कर्मियों ने मनमानी से कई लोगों के कनेक्शन बंद कर दिए हैं जिससे लोगों को पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है। शिलाई गांव के लिए दो प्रवाह योजना के अतिरिक्त नेड़ा खड्ड में बनी शिलाई उठाऊ पेयजल योजना से पानी की आपूर्ति की जाती है। इन दोनों प्रवाह पेयजल में पानी होते हुए विभागीय कर्मियों ने दर्जनों परिवारों को पानी से वंचित कर दिया है।
ग्रामीण बलबीर सिंह, जगत सिंह घनाइक, गोपाल धीमान, सूरत सिंह जिंदवान, स्वरूप नेगी, प्रताप नेगी, सुंदर सिंह ने बताया कि 1970 के दशक की कुहट प्रवाह पेयजल योजना से शिलाई गांव जुड़ा है। गांव में निर्माणाधीन आईटीआई भवन के समीप से यह लाइन दो भागों में बंटी थी जिसमें ऊपर के मोहल्ले को अलग और निचले मोहल्ले को अलग पानी स्टोर होता है।
निचले मोहल्ले के लिए अब केलात खाले से अलग योजना बनी है जिसका पानी आईटीआई के समीप स्टोर हो रहा है लेकिन ऊपर के मोहल्ले का पानी कर्मियों ने 6 दिन पहले यह कह कर बंद कर दिया कि पानी की कमी हो गई है। न ही इस मोहल्ले में कोई सार्वजनिक नल लगाया गया है। इस वजह से इलाके के दर्जनों परिवारों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
उधर, आईपीएच के यहां तैनात सहायक अभियंता नितिन चिनोरी ने बताया कि कार्यालय द्वारा ऐसे कोई आर्डर नहीं दिए गए हैं कि गांव में निजी कनेक्शन काटे जाएं। इसकी जांच की जाएगी। यदि ऐसा पाया गया तो कर्मचारियों को दूसरी जगह भेज दिया जाएगा।
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