अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)।
सिरमौरी हुक्मरानों की राजधानी रहे नाहन शहर का कालीस्थान तालाब कीचड़ से लबालब हो गया है। तालाब के कीचड़ से उठ रही दुर्गंध आसपास के लोगों के लिए आफत बन गई है। इससे इलाके में बीमारियां फैलने का भी खतरा बना हुआ है। हैरत है कि तालाब के सौंदर्यीकरण को लेकर न तो नगर परिषद गंभीर है और न ही राजनेता। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि नगर परिषद ने कुछ महीने पहले ही तालाब के सौंदर्यीकरण के नाम पर पांच लाख रुपये खर्च किए। जेसीबी लगाकर तालाब की सफाई की गई और डंगा लगाया गया लेकिन अब फिर हालत जस की तस बनी हुई है।
गौरतलब है कि उचित रखरखाव के अभाव में शहर के तालाबों की हालत बिगड़ती जा रही है। नया बाजार स्थित कालीस्थान तालाब भी इन्हीं में से एक है। तालाब में जमा पानी कीचड़ में तबदील हो गया है। यहां कमल के फूल खिल आए हैं। तालाब के साथ ही एक छोटा सा पार्क भी बनाया गया है जहां पर लोग आराम के कुछ पल बिताते थे लेकिन अब तालाब के कीचड़ से उठ रही दुर्गंध के कारण वहां कोई नहीं जा रहा।
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बॉक्स के लिए---
यहीं से होकर गुजरते हैं अधिकारी
तालाब के साथ ही विधायक का कार्यालय है तो सरकारी अधिकारी भी तालाब को छूकर जाने वाली सड़क से होकर ही दफ्तरों को जाते हैं। उपायुक्त समेत अन्य कई दफ्तर इसी क्षेत्र में है। दोपहर को लंच ब्रेक के दौरान शहीद स्मारक के समीप बने ढाबों में दोपहर का भोजन करने के लिए कई विभागों के कर्मचारी भी आते हैं जो अक्सर तालाब में फैली गंदगी को लेकर चर्चा करते हैं लेकिन वाहनों पर ठाठ के साथ दफ्तरों को जाने वाले अधिकारियों को शायद इससे कोई सरोकार नहीं।
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क्या कहते हैं अधिकारी
नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी सूरत सिंह नेगी ने संपर्क करने पर कहा कि तालाब में डंगा लगाया गया है। अब इसमें फैले कमल के फूलों को निकाला जाना है। इसके टेंडर होने हैं लेकिन आचार संहिता के चलते टेंडर नहीं हो रहे। मतगणना के तुरंत बाद टेंडर करवाकर इसकी सफाई की जाएगी।