अमर उजाला ब्यूरो
नाहन / संगड़ाह (सिरमौर)।
जनपद सिरमौर की सबसे ऊंची चोटी चूड़धार में रविवार तड़के सीजन का पहला हिमपात हुआ। इससे समूचा सिरमौर ठंड की चपेट में आ गया है। गिरिपार इलाके के ऊंचाई वाले क्षेत्रों के तापमान में अचानक आई गिरावट से लोग घरों में दुबकने को विवश हैं। रविवार को जिला सिरमौर के कई इलाकों में हल्की बारिश भी हुई। रविवार को चूड़धार में पांच इंच तक ताजा बर्फबारी हुई।
चूड़ेश्वर सेवा समिति के प्रबंधक बाबूराम शर्मा ने बताया कि शनिवार रात्रि से सिरमौर की सबसे ऊंची चोटी चूड़धार में रुक-रुककर बर्फबारी का दौरा जारी रहा। रविवार सुबह भी चोटी पर हिमपात हुआ। इससे चूड़धार की चोटियां हिमपात से लकदक हो गई हैं। उन्होंने बताया कि चूड़धार में रविवार को 5 ईंच तक बर्फबारी हुई। काफी दिन से खराब चल रहे मौसम के चलते यहां पर पीने के पानी की समस्या का सामना करना पड़ा।
ठंड बढ़ने के कारण पाइप लाइनें भी जम गई हैं। लिहाजा, चूड़धार पहुंचे श्रद्घालुओं को बावड़ी व बर्फ पिघलाकर पानी मुहैया करवाया जा रहा है।
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रविवार को चूड़धार पहुंचे तीन दर्जन श्रद्घालु
हिमपात से बढ़ी ठंड के बावजूद भी श्रद्धालु शिरगुल महाराज के दर्शनों के लिए चूड़धार पहुंच रहे हैं। शनिवार को करीब 4 दर्जन व रविवार सुबह तीन दर्जन श्रद्धालुओं ने शिरगुल महाराज के दर्शन किए। चूड़ेश्वर सेवा समिति के प्रबंधक बाबूराम शर्मा ने बताया कि चूड़ेश्वर सेवा समिति द्वारा संचालित भंडारा 31 अक्तूबर को सीजन के अंतिम भंडारे के साथ बंद हो जाता है। समिति के कर्मचारी 30 नवंबर तक यहां रहेंगे। इस दौरान मंदिर कमेटी की कैंटीन व ढाबे श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए चालू रहेंगे। प्रबंधक ने यात्रियों से अनुरोध करते हुए कहा कि यात्रियों को मौसम खराब होने पर चूड़धार की यात्रा रोक देनी चाहिए। रात्रि के समय चूड़धार आने का प्रयास बिलकुल भी न करें। क्षेत्र में धुंध अधिक होने की वजह से यात्रियों के मार्ग भटकने की अधिक संभावना रहती है।
15 दिसंबर को बंद होंगे मंदिर के कपाट
भारी बर्फबारी होने के बाद चूड़धार से यात्रियों के निकलने के तुरंत बाद ही मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाएंगे। चूड़धार में सिर्फ महंत स्वामी कमलानंद जी महाराज व उनके साथ वीरेंद्रानंद महाराज ही बर्फबारी में भी तपस्या में लीन रहते हैं। हालांकि प्रशासन के आदेशानुसार मंदिर के कपाट 30 नवंबर को बंद हो जाएंगे लेकिन पहाड़ी रीति के अनुसार यह कपाट पौष माह की संक्रांति अथवा 15 दिसंबर को बंद हो जाएंगे।