पांवटा साहिब (सिरमौर)।देश में सबसे बड़े पर्व में से एक दीपावाली के दिन बिजली गुल रहने से लोगों में काफी आक्रोश दिखा। पांवटा शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में दिवाली के दिन दोपहर से रात 10 बजे तक बिजली गुल रही।
गिरिपार के आंजभोज क्षेत्र के बुजुर्गों का कहना है कि कई दशकों बाद पहला मौका था कि प्रकाश के पर्व दिवाली पर बिजली ही गुल रही।
पांवटा निवासी रामलाल शर्मा, अश्वनी वर्मा, वेद प्रकाश बंसल, इंद्रजीत सिंह मिक्का, डॉ. गोपी शर्मा, संजीव नागपाल, मोहनीश मोहन, रामकिशन शर्मा, शिक्षक सुरेश तोमर, नरेश चौहान, बलदेव राणा, नरेश चौधरी, ओम प्रकाश चौहान, रमेश शर्मा, बालक राम शर्मा, भरत राणा, भरत ठाकुर, दिनेश शर्मा, एनएन खतरी, अजय राणा, राज, पेमा सिंरिंग, सुरजी पुंडीर, हरिश कोडियाल व विक्रम तोमर ने कहा कि कई दशकों बाद बिना बिजली दिवाली मनाई।
वीरवार को दोपहर करीब दो बजे से रात 10 बजे तक बिजली गुल रही जिससे आधा शहर व गिरिपार आंजभोज की दर्जनों पंचायतें अंधेरे में डूबी रहीं। युवाओं रितिक तोमर, संयोगिता, सुमन, नीलम, प्रवीण, कार्तिक, शुभम, अमन, शांतनु, सुशांत व सुहानी ने कहा कि बिजली गुल रहने से इस बार दिवाली का पूरा मजा ही किरकिरा हो गया।
क्षेत्र के बुजुर्गों मोही राम, गीता राम चौहान, दलीप सिंह, ख्यालू राम व दलीपू ने कहा कि दिवाली के दिन इस तरह बिजली गुल रहना लोगों की खुशी में खलल जैसा रहा। उधर, बिजली बोर्ड अधिशासी अभियंता डीएस ठाकुर ने कहा कि पांवटा के जंबूखाला 132 केवी ट्रांसमिशन टॉवर लाईन में खराबी आ गई थी। बिजली बोर्ड कर्मचारियों की टीम ने काफी मेहनत करके रात दस बजे तक लाइनें ठीक कीं। उसके बाद ही बिजली बहाल हो पाई।