अमर उजाला ब्यूरो
नौहराधार (सिरमौर)। 605 करोड़ से नौहराधार में बनने वाले व्हाइट सीमेंट प्लांट को लेकर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज हो गई है। इसके लिए एक सेवानिवृत्त राजस्व अधिकारी की नियुक्ति की गई है। जल्द भूमि मालिकों से संपर्क कर निशानदेही का कार्य शुरू किया जाएगा। गौरतलब है कि नौहराधार में प्रस्तावित व्हाइट सीमेंट प्लांट को लेकर सरकार और कंपनी के बीच एमओयू साइन हुआ है। लिहाजा प्लांट स्थापित करने का रास्ता अब पूरी तरह साफ है। इस संयंत्र की उत्पादन क्षमता 0.3 मिलियन टन प्रतिवर्ष होगी। एमओयू हस्ताक्षरित होने बाद नौहराधार में यह प्लांट 2022 तक स्थापित होने की उम्मीद है। बीते साल जुलाई में मंत्रिमंडल ने नौहराधार में संयंत्र लगाने के लिए मंजूरी दी थी। 17 जनवरी को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में हुई सिंगल विंडो प्राधिकरण की बैठक में इसे मंजूरी मिली। इस संयंत्र को लगाने के लिए 300 हेक्टेयर भूमि को पहले ही तलाशा जा चुका है। संयंत्र की स्थापना पर करीब 600 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। हिमाचल में व्हाइट सीमेंट का पहला प्लांट लगेगा। उल्लेखनीय है कि सिरमौर जिले के नौहराधार में भारत सरकार के उपक्रम एफसीआई अरावली जिप्सम एंड मिनरल इंडिया लिमिटेड (फेगमिल) यह कारखाना लगा रही है। इसकी प्री फिजिवल्टी स्टडी पूरी कर ली गई है। हिमाचल में लगने वाला यह प्लांट देश का चौथा प्लांट होगा।
उधर, अरावली के सह प्रबंधक राजेंद्र राठौड़ ने बताया कि इस समय सरकार की ओर से चिन्हित जमीन की निशानदेही के लिए भूमि के कागजात, पेड़-पौधे, मकान आदि की रिपोर्ट तैयारी करने की प्रक्रिया चल रही है। राजस्व अधिकारी भूमि मालिकों से निशानदेही के लिए संपर्क कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि संयंत्र में 5, 10 और 20 किलो की पैकिंग का सफेद सीमेंट तैयार होगा। फेग्मिल के प्रबंध निदेशक मनोज कुमार ने बताया कि एमओयू हस्ताक्षरित होने के बाद अब संयंत्र के स्थापना में तेजी लाई जा रही है। उन्होंने कहा कि ईको फ्रेंडली ढंग से इस प्लांट को स्थापित किया जाएगा।