नाहन (सिरमौर)। जनपद सिरमौर के कई रूटों पर एचआरटीसी की बसें दूसरे दिन भी फर्राटे से दौड़ीं। हालांकि, समय को लेकर सवारियों में असमंजस बरकरार रहा। लेकिन, निगम प्रबंधन ने दर्जनों रूटों पर सेवाएं देकर सवारियों को राहत देने के प्रयास किए।
निजी बसों की हड़ताल से एचआरटीसी फायदे में है। कुछ ग्रामीण रूटों पर सवारियों को कम सरकारी बसों के कारण परेशानियां जरूर झेलनी पड़ीं। वहीं, निजी बस ऑपरेटरों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। बस किराये में वृद्धि की मांग को लेकर अड़े निजी बस ऑपरेटरों ने मंगलवार को भी रूटों पर बसें बंद रखीं। निजी बस सेवा बंद होने से सबसे ज्यादा परेशानी ग्रामीण क्षेत्रों को झेलनी पड़ी है। दूरदराज ग्रामीण क्षेत्रों में पहले ही सरकारी बस सेवा का काफी अभाव है। एचआरटीसी ने पहले दिन की तरह दूसरे दिन भी अपनी बसों को विभिन्न रूटों पर दौड़ाया। बीते दिन भी एचआरटीसी ने जिले में 54 बसों को उन रूटों पर उतरा, जहां निजी बसें चल रही थीं। निगम प्रबंधन ने इसी तर्ज पर यह क्रम दूसरे दिन भी जारी रखा। बता दें कि 160 रूटों पर निजी बस सेवाएं प्रभावित हो गई हैं। सिरमौर में कुल 121 प्राइवेट बसें विभिन्न रूटों पर अपनी सेवाएं देती आ रही थीं। एचआरटीसी के नाहन डिपो में भी निगम प्रबंधन के पास 121 सरकारी बसें ही हैं। निजी बस ऑपरेटरों के हड़ताल पर जाने से निगम प्रबंधन अतिरिक्त बसों को विभिन्न रूटों पर दौड़ा रहा है। बसें खचाखच भरी होने से लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं। यात्री दिनभर मुख्य बस अड्डे पर बसों के लिए परेशान दिखे।
उधर, आरएम रशीद शेख ने बताया कि दूसरे दिन भी निगम की बसों को जिला के विभिन्न रूटों पर भेजा गया, ताकि लोगों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े। एचआरटीसी प्रबंधन द्वारा बसों की अधिक सेवाएं देने से राहत देने के प्रयास जारी हैं। दूसरे दिन कहीं से भी कोई शिकायत नहीं मिली है।