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विधायक सिंघा के खिलाफ भड़के लोग, थाने पहुंचे

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शिलाई में ठियोग के विधायक राकेश सिंघा का पुतला फूंकते लोग। - फोटो : अमर उजाला ब्य़ूरो
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शिलाई (सिरमौर)। शिलाई विश्राम गृह में सोमवार को राजपूत सभा एवं सर्वदलीय बैठक का आयोजन किया गया। इसमें ठियोग के विधायक राकेश सिंघा पर केदार सिंह जिंदान की मौत मामले को जातीय हिंसा का रंग देने के संगीन आरोप लगाए गए। राजपूत सभा के सदस्यों का कहना है कि राकेश सिंघा ने बयानबाजी करते हुए इस मामले को जातीय हिंसा का नाम दिया है। इसका राजपूत सभा की बैठक में उपस्थित लोगों ने जमकर विरोध किया। बैठक की अध्यक्षता सभा के उपाध्यक्ष बहादुर सिंह ने की।
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बैठक के बाद हजारों की संख्या में उमड़े लोगों ने शिलाई बाजार में विधायक राकेश सिंघा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और सिंघा का पुतला फूंका। पुलिस से मांग की है कि राकेश सिंघा के विरुद्ध मामला दर्ज कर तुरंत गिरफ्तार किया जाए। क्योंकि राकेश सिंघा ने केदार सिंह जिंदान की मौत मामले को जातीय हिंसा से जोड़ा है। लोगों ने आरोप लगाया कि अमन चैन से रहने वाले इस क्षेत्र में सिंघा ने अशांति फैलाने के लिए लोगों को उकसाया तथा भड़काया है। राजपूत सभा ने प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन से मांग की है कि राकेश सिंघा के विरुद्ध तत्काल प्रभाव से क्षेत्र में अशांति फैलाने, मामले को जातीय रंग देने एवं क्षेत्र को जातपात के नाम पर भड़काने का मुकदमा दर्ज किया जाए। राजपूत सभा ने पुलिस जांच पर भी आपत्ति जताई है। भीड़ ने पहले शिलाई बाजार में प्रदर्शन किया और उसके बाद पुलिस थाने पहुंचे। इसके बाद सिरमौर के एसपी रोहित मालपानी को एक ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि पुलिस यहां पर यूपी या बिहार जैसा माहौल न बनाए। सभा ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले से एट्रोसिटी की धारा व 302 की धारा न हटाई गई तो राजपूत सभा इस प्रदर्शन को तेज कर देगी। बैठक में शिलाई के पूर्व प्रधान रमेश नेगी, बहादुर सिंह, प्रताप सिंह तोमर, ब्लॉक समिति के पूर्व अध्यक्ष बहादुर सिंह, बकरास पंचायत की प्रधान श्याम कला समेत कई लोग मौजूद रहे।
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ऐट्रोसिटी एक्ट लगाने पर आपत्ति
बैठक में अनुसूचित जाति से जुड़े करीब दो दर्जन लोगों ने भी इस मामले में एससीएसटी एक्ट की धाराएं जोड़ने पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि पुलिस अपने बचाव में अनाप-शनाप धारा लगाकर मामले को संगीन बना रही है। हमारा क्षेत्र शांतिपूर्ण है। यहां पर छुआछूत या दलितों पर अत्याचार के नाम पर कुछ भी नहीं है लेकिन कुछ लोग बाहर से आकर राजनीतिक रोटियां सेकने के चक्कर में यहां के भोले भाले लोगों को भड़का रहे हैं। लोगों ने यहां तक कहा कि आरोपी जय प्रकाश ने हमेशा दलितों की सहायता की है। उन्होंने इसकी लिखित प्रति भी एसपी को सौंपी है।
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