-रेणुकाजी-संगड़ाह सड़क पर मलबे में फंसी कार, ढाई घंटे थमी रही आवाजाही
-सतीवाला में पेड़ गिरने से एक घंटे बंद रही पांवटा साहिब-यमुनानगर सड़क
-फिसलन बढ़ने से ग्रामीण क्षेत्रों में यातायात रहा प्रभावित, नदी-नाले उफान पर
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन/संगड़ाह/नैनाटिक्कर/सतौन/नौहराधार (सिरमौर)। सिरमौर जिले में मंगलवार को हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित रहा। भूस्खलन के चलते जिले में 63 सड़कें और 31 पेयजल योजनाएं ठप रहीं। संगड़ाह में कार मलबे में फंस गई, वहीं पांवटा साहिब-यमुनानगर सड़क पर एक घंटे तक आवाजाही ठप रही।
मंगलवार तड़के शुरू हुई बारिश का सिलसिला दोपहर बाद तक जारी रहा। छात्रों, सरकारी और निजी कार्यालय के कर्मचारियों और लोगों को अपने-अपने गंतव्यों तक पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। भूस्खलन के चलते लोक निर्माण विभाग के सराहां डिवीजन की 20 सड़कें बंद रहीं। इसके अलावा शिलाई की 17, संगड़ाह की 15, नाहन की नौ और पांवटा साहिब की दो सड़कों पर आवाजाही ठप रहीं। लोक निर्माण विभाग को 2.35 करोड़ का नुकसान हुआ है।
लगातार बारिश के बीच संगड़ाह-रेणुका जी मार्ग पर पाब पानी के समीप संगड़ाह की ओर जा रही एचपी18सी-6157 मारुति ऑल्टो कार मलबे में फंस गई। कार चालक मलबे वाले हिस्से से वाहन निकालने का प्रयास कर रहा था। इसी दौरान अचानक माइन की ओर से पानी और मलबे का बहाव बढ़ गया। स्थिति बिगड़ती देख कार में सवार लोगों ने वाहन से बाहर निकलकर भागकर अपनी जान बचाई।
मलबे में फंसने से कार को काफी नुकसान पहुंचा। संगड़ाह-रेणुका मार्ग करीब ढाई घंटे तक बाधित रहा। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। स्थानीय लोगों ने बताया कि वालिया माइन के मलबे की चपेट में आने वाली यह तीसरी कार है। इससे पहले इसी स्थान पर दो कारें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता खजान सिंह ने बताया कि वालिया माइन के समीप समस्या के स्थायी समाधान के लिए जल्द ही स्लैब कलवर्ट के टेंडर करवाए जाएंगे।
उधर, सतीवाला में भारी पेड़ सड़क पर गिरने से पांवटा साहिब-यमुनानगर सड़क सुबह के समय बंद हो गई। सड़क पर करीब एक घंटे में यातायात बहाल किया गया। बारिश से जलशक्ति विभाग की 31 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं। इनमें नाहन मंडल की चार और नौहराधार डिवीजन की 27 योजनाएं शामिल हैं। विभाग को करीब 1.08 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है।
भारी बारिश से कफोटा तहसील के कांटी मश्वा क्षेत्र में दो पक्के मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। झालोटी मोजा में रण सिंह के मकान को करीब 20 हजार और खोल मोजा में चतर सिंह के मकान को करीब एक लाख रुपये का नुकसान आंका गया है। वहीं, संगड़ाह उपमंडल की रेणुका तहसील के रानफुआ गांव में कृपा राम का कच्चा मकान भी बारिश की चपेट में आकर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुआ है। इससे करीब 30 हजार रुपये के नुकसान का अनुमान है।
जिले में ददाहू में सबसे अधिक 72 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा संगड़ाह में 45, नौहराधार में 35, शिलाई में 23.07, पांवटा साहिब में 11.4 और नाहन में पांच मिलीमीटर बारिश हुई। बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर रहे। फिसलन के चलते ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मार्गों पर आवाजाही प्रभावित रही।
बारिश से जल स्तर बढ़ने के बाद रेणुकाजी झील का नजारा। संवाद
बारिश से जल स्तर बढ़ने के बाद रेणुकाजी झील का नजारा। संवाद